बैतूल. नागपुर रेल मंडल के घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर सोमवार 18 मई की रात जबलपुर की ओर आ रही सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस (12791) के एस-7 स्लीपर कोच के पहियों से अचानक धुआं उठने लगा। ब्रेक बाइंडिंग के कारण हुई इस घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग ट्रेन से नीचे उतर आए। हालांकि, आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से स्थिति पर काबू पा लिया, जिसके बाद ट्रेन को सुरक्षित आगे रवाना किया गया।बताया जाता है कि सोमवार रात करीब 9:48 बजे ट्रेन जैसे ही घोड़ाडोंगरी स्टेशन पहुंची, एस-7 कोच के पहियों से तेज धुआं निकलता दिखा। मौके पर गश्त कर रहे आरपीएफ जवान आंतरिक शर्मा ने तुरंत इसकी सूचना डिप्टी स्टेशन अधीक्षक को दी। आरपीएफ पोस्ट बैतूल के प्रभारी राजेश बनकर ने बताया कि स्टेशन पर मौजूद फायर सिलेंडर और पेंट्री कार के अग्निशमन उपकरणों का उपयोग कर गर्म पहियों की कूलिंग की गई।
सुरक्षा जांच के बाद रवाना हुई ट्रेन
घटना की सूचना मिलते ही पॉइंट्समैन और अन्य रेलवे कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। कर्मचारियों ने तकनीकी खराबी को सुधारा और ब्रेक पैड को सामान्य स्थिति में लाया। पूरी सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने के बाद रात 10:07 बजे ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के चलते ट्रेन लगभग 19 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही।
ब्रेक बाइंडिंग में घर्षण से निकला धुआं
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह घटना 'ब्रेक बाइंडिंग' (ब्रेक पैड चिपकना) के कारण हुई थी। दरअसल, मरामझिरी, धाराखोह और घोड़ाडोंगरी के घाट सेक्शन में लगातार डाउन ग्रेड (ढलान) होने के चलते ट्रेनों में बार-बार ब्रेक का इस्तेमाल करना पड़ता है। लगातार घर्षण के कारण पहिए अत्यधिक गर्म हो जाते हैं और धुआं उठने लगता है।

