जबलपुर। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मंडला सर्किल के अंतर्गत महाराजपुर डीसी में एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है। 2 मई की शाम लगभग 7 बजे ठेका कंपनी जीडी नकरानी के माध्यम से नियोजित आउटसोर्स कर्मी जगन्नाथ परस्ते गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना महाराजपुर डीसी के पास लगी डीपी पर घटी, जहां कर्मी 11 केवी लाइन का फाल्ट सुधारने के लिए जंपर लगा रहे थे।
10 फीट की ऊंचाई से गिरे कर्मी
कार्य के दौरान अचानक स्पार्क होने से जगन्नाथ के कपड़ों और शरीर में आग लग गई। आग की चपेट में आने के बाद वे लगभग 10 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरे। वहां मौजूद उनके साथियों ने बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। इस घटना में जगन्नाथ का दाहिना पैर, पेट और पीठ बुरी तरह झुलस गए हैं और उनका इलाज जारी है।
परमिट के बाद भी कैसे चालू हुई बिजली
मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने इस घटना पर गहरी आपत्ति जताई है। संघ के महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जूनियर इंजीनियर द्वारा सबस्टेशन से परमिट लेकर 11 केवी लाइन पहले ही बंद कराई गई थी। इसके बावजूद विद्युत आपूर्ति अचानक कैसे चालू हो गई। उन्होंने इस तकनीकी लापरवाही की सूक्ष्मता से जांच करने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की पुरजोर मांग की है।
संघ ने की तत्काल सहायता राशि देने की मांग
इस हादसे को लेकर विद्युत कर्मियों में भारी नाराजगी है। संघ के मोहन दुबे, दशरथ शर्मा, राजकुमार सैनी, मदन पटेल, जानकी प्रसाद तिवारी, विनोद दास, इंद्रपाल सिंह और संदीप दीपांकर ने पूर्व क्षेत्र कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि घायल कर्मी को 10 हजार रुपये की सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए ताकि इलाज में कोई बाधा न आए।
