जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में नए सहायक अभियंता (पारेषण) प्रशिक्षुओं की कार्यकुशलता और व्यावहारिक दक्षता को मजबूत करने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम जबलपुर में आयोजित किया जा रहा है। नागपुर में अपना बुनियादी संस्थागत प्रशिक्षण पूरा करने के बाद यह सभी नव-नियुक्त इंजीनियर अब जबलपुर कॉर्पोरेट ऑफिस पहुंचे हैं। कंपनी द्वारा इन प्रशिक्षुओं के लिए मेंटोर आधारित रोटेशनल ट्रेनिंग मॉड्यूल लागू किया गया है, जिसके तहत उन्हें बिजली पारेषण की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवागत अभियंताओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर फील्ड और कार्यालयीन स्तर पर आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करना है। वरिष्ठ और अनुभवी विशेषज्ञ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चल रहे इस कार्यक्रम में कंपनी की कार्यप्रणाली, विभिन्न परियोजनाओं का कुशल प्रबंधन, मानव संसाधन विकास, तकनीकी टेस्टिंग प्रक्रियाओं के साथ-साथ वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन जानकारी दी जा रही है। इस पूरी व्यवस्था से जहां नए इंजीनियरों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, वहीं कंपनी को भविष्य के लिए एक कुशल तकनीकी कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी।
छह समूहों में बंटे प्रशिक्षु, मेंटर पैनल की भूमिका अहम
इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कुल 55 प्रशिक्षुओं को 6 अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक समूह को कॉर्पोरेट कार्यालय के विभिन्न संकायों और तकनीकी विभागों में रोटेशन के आधार पर भेजा जा रहा है ताकि वे हर विभाग के कामकाज को बारीकी से समझ सकें। कंपनी प्रबंधन ने इन युवाओं को सही दिशा दिखाने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ अधिकारियों का एक विशेष मेंटर पैनल नियुक्त किया है। यह मेंटर पैनल न केवल नए इंजीनियरों को प्रतिदिन तकनीकी और प्रशासनिक कार्य सिखाता है, बल्कि उनके प्रदर्शन पर भी लगातार नजर रखता है। प्रशिक्षण अवधि समाप्त होने के बाद मेंटर अधिकारी सभी प्रशिक्षुओं के काम का बारीकी से मूल्यांकन करेंगे और अपनी विस्तृत प्रतिवेदन रिपोर्ट कंपनी प्रबंधन को सौंपेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी समय में इन अभियंताओं की कार्यक्षमता और उनकी तैनाती को लेकर आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।

