जबलपुर। शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत लाइन, ट्रांसफार्मर और सब-स्टेशन मेन्टेनेन्स का कार्य पिछले तीन दिनों से तेजी से चल रहा है। इस दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त विभागीय कार्यवाही भी शुरू हो गई है। कम्पनी प्रबंधन द्वारा विजयनगर में पदस्थ एक अभियंता का स्थानांतरण सागर कर दिया गया है। इसके साथ ही मुख्य अभियंता एसके गिरिया द्वारा पूर्व संभाग में कार्यरत लाइनकर्मी मनीष केवट का तबादला ग्रामीण क्षेत्र पाटन किया गया है और तीन आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी दंडात्मक कार्यवाही की गई है। बिजली विभाग का यह अभियान शहर के सभी संभागों में पूरी ताकत से चलाया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा पूरे समय स्टाफ के साथ फील्ड पर मौजूद रहे।
रात्रिकालीन पेट्रोलिंग जारी, ऑनलाइन निगरानी
विद्युत व्यवधान को रोकने के लिए विभाग के आला अधिकारियों द्वारा गहन मॉनिटरिंग की जा रही है। हर रात अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर लाइन पेट्रोलिंग कर रहे हैं और उन प्रभावित स्थलों को चिन्हित कर रहे हैं जहां से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसके अगले दिन सुबह ही उन सभी चिन्हित कमियों को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया जाता है। इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए रोज शाम को मैदानी निरीक्षण से पहले श्री अरोरा सभी मैदानी अधिकारियों की गूगल मीट के माध्यम से एक संक्षिप्त ब्रीफिंग लेते हैं। इस बैठक में कार्य की रूपरेखा और प्राथमिकताओं को तय कर सभी अधिकारी और कर्मचारी मैदान में काम के लिए उतरते हैं।
दो दिनों में 263 संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण
श्री अरोरा के अनुसार, पिछले दो दिनों के दौरान व्यापक स्तर पर तकनीकी सुधार किए गए हैं। इस अभियान के तहत पूरे शहर में कुल 263 छोटे और बड़े ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया जहां बिजली आपूर्ति में व्यवधान आने की संभावना सबसे अधिक थी। इनमें से सबसे ज्यादा 108 स्थल शहर के पूर्व संभाग में तलाशे गए। इन चिन्हित स्थानों पर त्वरित कदम उठाते हुए जली और जीर्ण-शीर्ण केबलों को बदला गया है। नए एल.टी. सर्किट बनाकर विद्युत भार का समान वितरण किया गया ताकि ट्रांसफार्मर पर ओवरलोडिंग न हो। इसके अलावा एल्यूमीनियम फ्यूज तारों को हटाकर उच्च क्षमता वाले कॉपर फ्यूज तार लगाए गए, ट्रांसफार्मर का मेन्टेनेन्स कर बायमेटेलिक लेम्प बदले गए, ऑइल लीकेज ठीक किया गया और 33/11 के. व्ही. सबस्टेशन यार्ड में मेन्टेनेन्स कर डी.टी.आर. स्थापित किए गए।
बिना बिजली बंद किए बदले गए ट्रांसफार्मर के डीओ फ्यूज, वीडियो से दूर किया डर
इस विशेष अभियान के दौरान बिजली विभाग द्वारा कर्मचारियों का डर दूर करने के लिए एक अनूठा प्रयास किया गया। सुपरमार्केट कॉफी हाउस के सामने स्थित ट्रांसफार्मर में ऊपर के डीओ फ्यूज को बिना बिजली बंद किए यानी चालू लाइन में ही सफलतापूर्वक बदल दिया गया। आमतौर पर लाइन स्टाफ इस तरह चालू लाइन में काम करने से काफी डरता है और हमेशा पूरी बिजली बंद करके ही फ्यूज डालता है। संजय अरोरा ने बताया कि मैदानी स्टाफ अक्सर इस प्रक्रिया को लेकर डर और अविश्वास में रहता है, लेकिन सावधानी से यह काम चालू लाइन में भी पूरी सुरक्षा के साथ किया जा सकता है। इस पूरी कार्यवाही का वीडियो भी बनाया गया, जिसे सभी तकनीकी कर्मचारियों को दिखाया गया है ताकि उनका डर दूर हो सके और भविष्य में बिना बिजली कटौती के ऐसे काम आसानी से किए जा सकें।
शिकायतों के लिए रात में तैनात किए विशेष अधिकारी
उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए विभाग ने सभी संभागों में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक विशेष अधिकारियों की तैनाती की है और उनके मोबाइल नंबर जारी किए हैं। इसके अनुसार इंद्रामार्केट स्थित पूर्व संभाग के अधिकारी का मोबाइल नंबर 9425805574, तीनपत्ती स्थित मढ़ाताल के अधिकारी का नंबर 9425806150, विजयनगर कार्यालय के अधिकारी का नंबर 7648818637, उत्तर संभाग कार्यालय के अधिकारियों के नंबर 7648818748 एवं 7648818481 तथा दक्षिण संभाग के अधिकारियों के मोबाइल नंबर 9425805982 और 9425805822 हैं। उच्च अधिकारियों से प्राप्त सख्त निर्देशों के बाद विभाग उपभोक्ताओं को लगातार बिजली देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
