khabar abhi tak

अनुवांशिक बीमारियों पर प्रहार: विशेषज्ञों ने दी विवाह पूर्व और गर्भावस्था में स्क्रीनिंग कराने की सलाह

विश्व थैलेसीमिया दिवस पर मेडिकल कॉलेज में जागरूकता अभियान और नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

जबलपुर। विश्व थैलेसीमिया दिवस 2026 के उपलक्ष्य में जबलपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में शनिवार को एक वृहद जागरूकता अभियान और सतत चिकित्सा शिक्षा सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य थैलेसीमिया और सिकिलसेल जैसी गंभीर अनुवांशिक बीमारियों के प्रति समाज में चेतना जगाना और मरीजों को आधुनिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराना था। थैलेसीमिया जनजागरण समिति मध्यप्रदेश और मेडिकल कॉलेज के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस शिविर में मरीजों की स्वास्थ्य जांच के साथ विशेषज्ञों ने परामर्श भी प्रदान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में नोवो नॉर्डिस्क पराग सागर फाउंडेशन और पूर्णायु फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

​मरीजों के लिए जांच व परामर्श की विशेष व्यवस्था

​शिविर के दौरान विशेष रूप से नि:शुल्क एचएलए जांच की सुविधा प्रदान की गई जो बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने शिविर में आए मरीजों का शारीरिक परीक्षण किया और उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन किया। रक्त संबंधी विभिन्न जांचों के माध्यम से बीमारी की गंभीरता को समझा गया और उसी आधार पर मरीजों तथा उनके परिजनों की विस्तृत काउंसलिंग की गई। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में इन बीमारियों की शुरुआती पहचान पर बल दिया ताकि समय रहते सही उपचार प्रक्रिया शुरू की जा सके। शिविर में आए अभिभावकों को नियमित उपचार के साथ-साथ बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।

​आधुनिक चिकित्सा पद्धति व भविष्य की तकनीक

​सतत चिकित्सा शिक्षा सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया और सिकिलसेल के प्रबंधन की नई पद्धतियों पर चर्चा की। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ श्वेता पाठक ने बताया कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट इस बीमारी का एक प्रभावी और स्थायी समाधान है। यदि किसी बच्चे को उसके सगे भाई या बहन का मैचिंग बोन मैरो मिल जाए तो उसे बार-बार रक्त चढ़ाने की परेशानी से मुक्ति मिल सकती है। चर्चा के दौरान जीन थैरेपी जैसी भविष्य की तकनीकों का भी उल्लेख किया गया जो आने वाले समय में अनुवांशिक विकारों को जड़ से खत्म करने में मददगार साबित हो सकती हैं। चिकित्सकों ने गर्भावस्था के दौरान स्क्रीनिंग और विवाह पूर्व जांच को इन बीमारियों की रोकथाम के लिए सबसे सशक्त माध्यम बताया।

​सरकारी योजनाओं के संग डिजिटल हेल्थ पर जानकारी

​नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की पॉलिसी मेकर विनीता श्रीवास्तव ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र मरीज सरकारी और अनुबंधित निजी अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार और जांच की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही आभा आईडी के महत्व को समझाते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से मरीजों का संपूर्ण स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा जिससे भविष्य में इलाज के दौरान डॉक्टरों को काफी आसानी होगी। कार्यक्रम में भोपाल एनएचएम से डॉ रूबी खान, दिल्ली एनएचएम से विनीता श्रीवास्तव, सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी, डॉ. नवनीत सक्सेना, डॉ. श्वेता पाठक,डॉ. शिशिर चिनपुरिया, डॉ.शरद जैन, डॉ. मोनिका लाजरास, डॉ. विकेश अग्रवाल, डॉ. रानू मिश्रा, डॉ रविन्द्र विश्नोई, डॉ अमरदीप सिंह बंसल, डॉ. रविन्द्र छाबड़ा, डॉ. बी के यादव और डॉ. के के वर्मा सहित अनेक चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।


Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak