मौसम के कारण रेस्क्यू में बाधा,लापता लोगों की तलाश में जुटी सेना और एनडीआरएफ
जबलपुर। बरगी डैम में हुए हादसे के बाद पीड़ितों के शवों को उनके गृह ग्राम भेजने को लेकर बड़ी प्रशासनिक अड़चन सामने आई है। प्रशासन ने शर्त रखी कि शव के साथ सिर्फ परिवार का एक ही व्यक्ति जा सकता है,शेष सदस्यों को टिकट करानी होगी। मुख्यमंत्री के मदद के आश्वासन के बावजूद इस शर्त के कारण पीड़ित परिवार और उनके सहयोगियों में भारी आक्रोश फैल गया। हालांकि, विरोध के बाद एसडीएम रांझी ने परिवार से संपर्क कर परिजनों को हवाई जहाज से तमिलनाडु भेजने का आश्वासन दिया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में मौसम की बाधा
बरगी डैम में गुरुवार को हुए हादसे के बाद लापता चार लोगों की तलाश के लिए शनिवार सुबह 7 बजे से एक बार फिर सर्चिंग शुरू की गई। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें नौकाओं की मदद से लापता लोगों को खोज रही हैं। तेज हवा और डैम में उठ रही ऊंची लहरों के कारण बचाव दल को काफी परेशानी हो रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार छोटी नावों के जरिए तेज हवा के बीच अभियान चलाना जोखिम भरा है, इसलिए बीच-बीच में सर्चिंग को कुछ देर के लिए रोकना पड़ता है।
जिनके मिलने की उम्मीद अभी जिंदा है
हादसे में आयुध निर्माणी खमरिया के ए 3 सेक्शन में कार्यरत कामराज आर्य के परिवार के सदस्य शामिल थे। कामराज परिवार के 15 सदस्यों के साथ घूमने पहुंचे थे, जिनमें से उनके माता-पिता डैम के किनारे बैठे थे, जबकि कामराज की पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में सवार थे। हादसे के दौरान उनका 10 वर्षीय बेटा लहरों के सहारे किनारे आ गया था, जिसे जल निगम के कर्मचारियों ने बचा लिया था। हादसे में कामराज की 38 वर्षीय पत्नी काकुलाझी और 42 वर्षीय सौभाग्यम अलागन के शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं, 45 वर्षीय कामराज, 5 वर्षीय श्रीतमिलवेंदन और 9 वर्षीय मयूरन सहित चार लोग अभी भी लापता हैं।
बॉडी तेजी से डी-कम्पोज हो रही है
मृतकों के शवों को उनके गृह ग्राम तमिलनाडु के त्रिची भेजने को लेकर प्रशासन ने पहले असमंजस की स्थिति बना ली थी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मिलकर मदद का भरोसा दिया था, लेकिन रात को प्रशासन ने कह दिया कि शव के साथ केवल एक व्यक्ति ही जा सकता है और बाकी सदस्यों को अपने टिकट खुद बुक करने होंगे। कामराज के साथी कर्मचारी अर्नब दास गुप्ता ने बताया कि मृत शरीर खराब होने लगे हैं और पीड़ित परिवार के पास इतने पैसे नहीं हैं। इधर ऑर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों द्वारा विरोध की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आया। कर्मचारियों ने कहा था कि यदि शव को विमान से नहीं भेजा गया तो शवों को फैक्ट्री के गेट के सामने रखकर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद एसडीएम रांझी ने परिवार को आश्वस्त किया कि परिजनों को भी फ्लाइट से तमिलनाडु भिजवाया जा रहा है। शनिवार दोपहर को शवों को कोयंबटूर के रास्ते त्रिची भेजा जाएगा।
