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रीवांचल एक्सप्रेस जहरखुरानी कांड का पर्दाफाश, बहन के घर मिर्जापुर में छिपा आरोपी गिरफ्तार

 


जबलपुर। रीवांचल एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रहे एक यात्री पीयूष कुमार तिवारी को कोल्ड ड्रिंक  की बोतल में नींद की दो गोलियां मिलाकर बेहोश करने और उनसे लूटपाट करने वाले शातिर आरोपी शत्रुघ्न साहनी उर्फ जितेंद्र उर्फ सियार पांडे को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिला अंतर्गत कछवा थाना क्षेत्र के पशियाही का रहने वाला है, जिसकी उम्र 44 वर्ष है और उसके पिता का नाम दयाशंकर साहनी है। रीवा रेलवे स्टेशन से ट्रेन खुलने के बाद आरोपी ने पीड़ित से दोस्ती बढ़ाकर इस वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें उसने सोने की अंगूठी, जेब से 10,000 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन चोरी कर लिया था। पुलिस अधीक्षक रेल सुंदर सिंह कनेश, अति पुलिस अधीक्षक भावना मरावी और उप पुलिस अधीक्षक विजय गोठरिया के मार्गदर्शन में गठित आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने वीडियो फुटेज तथा गुप्त सुरागों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को मिर्जापुर में उसकी बहन के घर से दबोच लिया।

​दोस्ती का झांसा देकर कोल्डड्रिंक में मिलाई नींद की गोली

​यह पूरा घटनाक्रम 31 मार्च 2026 को रीवांचल एक्सप्रेस ट्रेन में घटित हुआ था। आरोपी शत्रुघ्न साहनी ने ट्रेन के सफर के दौरान सबसे पहले सह-यात्री पीयूष कुमार तिवारी से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया। जैसे ही यात्री का विश्वास कायम हुआ, आरोपी ने ठगी का जाल बिछाते हुए मिरांडा की बोतल में लार्पोज 2 एमजी नामक नींद की दो गोलियां चुपके से मिला दीं। इस नशीले पेय को पीते ही पीड़ित यात्री पीयूष कुमार तिवारी पूरी तरह बेसुध और बेहोश हो गए। यात्री को अचेत अवस्था में देखकर आरोपी शत्रुघ्न साहनी ने मौके का पूरा फायदा उठाया और पीड़ित के हाथ से सोने की अंगूठी निकाल ली, जेब में रखे 10,000 रुपये नकद समेटे और उनका मोबाइल फोन लेकर ट्रेन से रफूचक्कर हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी पहचान छिपाने और साक्ष्य नष्ट करने की नीयत से आरोपी ने पीड़ित का मोबाइल फोन गंगा नदी में फेंक दिया था।

 पुलिस टीम ने मिर्जापुर से दबोचा, लूटा गया माल जब्त

​पीड़ित यात्री को बेहोशी की हालत में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर उतारा गया था, जिसके बाद वहां की जीआरपी ने अज्ञात अपराधी के खिलाफ जहर खुरानी का मामला दर्ज कर इसकी डायरी रीवा आरपीएफ को ट्रांसफर कर दी थी। मामला सामने आने के बाद रीवा जीआरपी में अपराध क्रमांक 139/26 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 123 व 305 (सी) के तहत मामला पंजीकृत कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सुरागों का पीछा करते हुए पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर पहुंची और आरोपी को उसकी बहन के घर से हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने चोरी की रकम में से 6,000 रुपये और सोने की अंगूठी जुए में हार दी है, जबकि शेष 4,000 रुपये नकद पुलिस ने उसके पास से बरामद कर लिए हैं। इस पूरी कामयाबी में पोस्ट प्रभारी बीके यादव के निर्देशन में उपनिरीक्षक आरएस ठक्कर, सहायक उपनिरीक्षक राम लाल प्रजापति, प्रधान आरक्षक शैलेंद्र गौतम, आरपीएफ सहायक उपनिरीक्षक जयकरण मिश्रा और आरक्षक योगेश मौर्य की मुख्य भूमिका रही।

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