रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में कॉपियों के मूल्यांकन पर उठे सवाल, छात्रा ने लगाए लापरवाही के आरोप
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एक बार फिर परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। बीपीएड पाठ्यक्रम की एक छात्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उत्तर पुस्तिकाओं की ठीक से जांच न करने और लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप
बीपीएड की छात्रा निकिता रजक का कहना है कि उसने परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन जब परिणाम घोषित हुआ तो उसे एक विषय में अनुत्तीर्ण कर दिया गया। छात्रा को 70 में से केवल 12 अंक दिए गए। संदेह होने पर जब छात्रा ने अपनी उत्तर पुस्तिका को देखा, तो पाया कि कॉपी के कई पन्नों पर जांच के कोई निशान ही नहीं थे। छात्रा का आरोप है कि बिना पढ़े ही उसे कम अंक देकर फेल कर दिया गया।
उच्च शिक्षा के प्रवेश पर संकट
पीड़ित छात्रा ने बताया कि वह कुल 8 विषयों में से 7 विषयों में अच्छे अंकों के साथ पास हुई है। केवल एक विषय में इस तरह की लापरवाही के कारण उसे फेल का सामना करना पड़ रहा है। छात्रा का कहना है कि इस परिणाम की वजह से उसकी आगे की पढ़ाई यानी एमपीएड की प्रवेश प्रक्रिया रुक सकती है। विश्वविद्यालय प्रशासन शुरुआत में इस शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रहा था, जिससे उसकी चिंता और बढ़ गई थी।
कुलगुरु ने दिया जांच का आश्वासन
इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने संज्ञान लिया है। कुलगुरु का कहना है कि संबंधित उत्तर पुस्तिका को दोबारा निष्पक्ष जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि छात्रा के साथ न्याय हो सके। दूसरी ओर, विभिन्न छात्र संगठनों ने इस घटना को विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। छात्र नेताओं ने दोषी मूल्यांकनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
