महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने आज हुई सुनवाई के दौरान कहा कि गिरिबाला जांच में मदद नहीं कर रही हैं। वहीं, गिरिबाला के वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा- यह कहना गलत होगा कि जांच में हमारी ओर से शासन को मदद नहीं की जा रही है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली तारीख 27 मई तय की है। वहीं, मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। एजेंसी की टीम आज दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना हो गई। टीम आज शाम तक भोपाल पहुंचकर स्थानीय पुलिस से केस का हेंडओवर लेगी। इधर, सुप्रीम कोर्ट ने आज मामले में खुद नोटिस लेते हुए सुनवाई की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया पीडि़त या दूसरे परिवार के बयानों के पीछे न भागे और मामले को कानून के मुताबिक आगे बढऩे दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठने से वे दुखी हैं। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह जांच में बाधा डाल रही हैं।
ट्विशा की 13 दिन पहले मौत हुई थी, कल अंतिम संस्कार हुआ-
33 साल की ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताडऩा और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं, ससुराल पक्ष का दावा है कि वह ड्रग एडिक्ट थी। ट्विशा का अंतिम संस्कार 24 मई को हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने ज्यूडिशियरी पर लगे आरोप को नोटिस में लिया-
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया में छपी एक खबर में ज्यूडिशियरी की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए। यह बताया गया कि ट्विशा का पति एक वकील है और मां पूर्व जिला जज हैं। सवाल यह था कि क्या जांच में अनुचित प्रभाव डाला जा सकता है। यह भी कहा गया कि कोर्ट की संलिप्तता के कारण निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई। इसलिए हमने खुद एक्शन लेते हुए कार्यवाही शुरू की।