नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने दुनिया के सबसे संवेदनशील और व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सामान्य आवागमन को फिर से बहाल करने पर अपनी सहमति व्यक्त की है.
खबरों के मुताबिक, इस फैसले के बाद अगले 30 दिनों के भीतर इस रूट पर जहाजों का ट्रैफिक पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा. यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए राजनयिक प्रयास तेज हुए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से भारत सहित दुनिया के लिए बड़ी राहत की स्थिति बन सकती है
तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट (ष्टद्धशद्मद्गश्चशद्बठ्ठह्ल) माना जाता है, क्योंकि दुनिया भर में होने वाली कुल कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी तंग रास्ते से होकर गुजरता है. पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में ईरान और पश्चिमी देशों के बीच सैन्य व कूटनीतिक टकराव के कारण जहाजों की आवाजाही कई बार प्रभावित हुई थी. ऐसे में ईरान के इस नए कदम को क्षेत्र में तनाव कम करने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी प्रगति के रूप में देखा जा रहा है.
गहन राजनयिक प्रयासों का निकला परिणाम
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान का यह निर्णय विभिन्न क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शक्तियों द्वारा किए गए गहन राजनयिक प्रयासों का नतीजा है. सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों से पर्दे के पीछे कई दौर की उच्च स्तरीय बातचीत चल रही थी, जिसका मुख्य उद्देश्य होर्मुज में समुद्री सुरक्षा को बहाल करना और वैश्विक व्यापार प्रवाह में आ रही बाधाओं को दूर करना था. ईरान की ओर से रास्ता खोलने की यह आधिकारिक घोषणा इन वार्ताओं की सफलता को दर्शाती है.
तेल बाजारों को मिलेगी बड़ी राहत
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का ट्रैफिक सामान्य होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. इस मार्ग पर किसी भी तरह के व्यवधान से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक बढ़ जाती हैं, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. अब जब ईरान ने रास्ता खोलने की बात स्वीकार कर ली है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और वैश्विक व्यापारिक समुदाय को बड़ी राहत मिलेगी. अगले एक महीने में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
