जबलपुर/दमोह। दमोह के फुटेरा वार्ड शिक्षक आलोक सोनी के मकान के पिलर की खुदाई के दौरान चांदी के सिक्के मिलने से हड़कंप मच गया। मजदूरों ने दावा किया कि उन्हें 35 किलो से अधिक चांदी के सिक्के और कुछ चांदी की रॉड मिली थीं, जिन्हें मकान मालिक बाल्टी में भरकर ले गए। हिस्सा नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। आज मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची, जिन्होने देखा तो जबलपुर में वरिष्ठ अधिकारियों को खबर दी। उनके जबलपुर से आने के बाद सिक्कों की जांच की जाएगी। पुलिस ने अभी चांदी के करीब 40 सिक्के बरामद किए है।
बताया गया है कि फुटेरा वार्ड में रहने वाले शासकीय शिक्षक आलोक सोनी के पैतृक मकान में पिलर की खुदाई के दौरान चांदी के सिक्के मिले। हथना गांव के मजदूर हीरा पटेल ने बताया कि दोपहर पहले एक पीतल का कलश मिला, जिसमें चांदी का एक सिक्का था। आगे खुदाई करने पर मिट्टी से कई चांदी के सिक्के और कुछ चांदी की रॉड निकलीं। हीरा पटेल के अनुसार, उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी, जिन्होंने और खुदाई करने को कहा। इसके बाद मकान मालिक ने सभी सिक्के बाल्टी में भरकर रख लिए। मजदूरों ने हिस्सा मांगा तो उन्हें 500 रुपए देकर भगा दिया गया। इसके बाद मजदूर गांव पहुंचे और पूर्व सरपंच मुरारी तिवारी को जानकारी दी। सरपंच ने पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही आज कोतवाली टीआई मनीष कुमार पहुंचे जिन्होने आलोक सोनी के पास से चांदी के 42 सिक्के बरामद किए है। मजदूरों का कहना है कि सिक्कों की संख्या काफी ज्यादा है। वहीं मकान मालिक आलोक सोनी ने कहा कि यह उनका पैतृक मकान है। मजदूरों को एक कलश मिला, जिसमें एक सिक्का था। आगे खुदाई में 42 चांदी के सिक्के निकले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूर दबाव बनाने के लिए 35 किलो चांदी के सिक्के मिलने की झूठी बात कह रहे हैं।
सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया और जॉर्ज पंचम की तस्वीर-
पुरातत्व विभाग के अधिकारी शुभम झरिया ने बताया कि सिक्के 18वीं-19वीं शताब्दी के ब्रिटिश कालीन हैं। इन पर महारानी विक्टोरिया और जॉर्ज पंचम की तस्वीर बनी है। सिक्कों की कीमत का अभी आकलन नहीं हुआ है। इसकी सूचना जबलपुर के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और आगे की जांच वही करेंगे।