औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं मिलीं जरूरी दवाइयां
जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के राज्य स्तरीय डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर पंकज बुधौलिया ने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर और संजीवनी केंद्रों में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां पाई गईं। निरीक्षण के समय जमीनी स्तर पर कोई भी काम पूरा नहीं मिला, जिसके बाद डिप्टी डायरेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने और मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
कागजों पर चमचमाते केंद्र हकीकत में मिले बदहाल
औचक निरीक्षण के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थिति बेहद खराब पाई गई। कागजों में जिन केंद्रों को पूरी तरह व्यवस्थित दिखाया गया था, वहां जमीनी स्तर पर पुताई तक नहीं हुई थी। इसके साथ ही इन केंद्रों पर आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य उपकरण भी उपलब्ध नहीं मिले। राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों ने जब स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों से इस संबंध में सवाल पूछे, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
किट खरीदी में सामने आया लाखों का घोटाला
जांच के दौरान सबसे गंभीर वित्तीय अनियमितता होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर यानी एचबीएनसी और नई पहल किट की खरीदी में देखने को मिली है। इस खरीदी में लाखों रुपयों के फेरबदल की बात सामने आई है। जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर दीपिका साहू और संदीप नामदेव द्वारा इस पूरी खरीदी में मुख्य भूमिका निभाई गई थी। अब इस बात की चर्चा है कि इस खरीदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। स्टोर रूम के वेरिफिकेशन में न तो एचबीएनसी किट मिली और न ही नई पहल किट का कोई नया स्टॉक मिला। जो किट पहले बांटी भी गई थीं, वे बेहद खराब और अमानक स्तर की थीं, जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग साफ दिखाई देता है।
क्वालिटी इंश्योरेंस के मानकों में भारी लापरवाही
हाल ही में 12 मई 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डिप्टी डायरेक्टर द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स, फायर सेफ्टी और बजट को लेकर सख्त निर्देश दिए गए थे। तय लक्ष्य के अनुसार वर्ष 2025-26 तक सभी स्वास्थ्य सुविधाओं का असेसमेंट पूरा होना है, जिसके लिए अब मात्र 6 महीने का समय शेष बचा है। इसके बावजूद क्वालिटी इंश्योरेंस के मानकों में भारी अंतर और लापरवाही देखने को मिली है।
दोषी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश
डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर पंकज बुधौलिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जनहित की योजनाओं में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस पूरे मामले में मुख्य रूप से जिम्मेदार दो अधिकारियों, डीसीएम दीपिका साहू और संदीप नामदेव को तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की गहनता से जांच करने को कहा है ताकि दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
