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प्राकृतिक खेती को मिला नया आयाम, हर रविवार सज रहा किसानों का बाजार


जबलपुर में जैविक हाट का सफल आयोजन: किसानों को मिला बाजार और जनता को शुद्ध आहार

जबलपुर। ​जबलपुर की कृषि उपज मंडी में प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाला जैविक हाट अब स्थानीय नागरिकों और किसानों के बीच एक मजबूत कड़ी बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप और कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सीधा बाजार उपलब्ध कराना और शहरवासियों को रसायन मुक्त भोजन मुहैया कराना है। इस रविवार को भी हाट में बड़ी संख्या में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से किसान अपने उत्पाद लेकर पहुंचे। कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों का उत्साह बढ़ाया। हाट में हर सप्ताह बढ़ती भीड़ इस बात का प्रमाण है कि लोग अब अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं।

​शुद्धता की जांच और जैविक प्रमाणीकरण पर जोर

​हाट के दौरान संयुक्त संचालक कृषि केएस नेताम ने उपस्थित कृषकों से उनके उत्पादों की गुणवत्ता और खेती के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे समय-समय पर खेतों का निरीक्षण करें ताकि उत्पादों की शुद्धता में कोई कमी न आए। प्रशासन का लक्ष्य जबलपुर को एक आदर्श जैविक जिले के रूप में विकसित करना है। इसके लिए किसानों को न केवल बेहतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में भी विभाग पूरी सहायता प्रदान कर रहा है। इससे किसानों में अपने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर आत्मविश्वास बढ़ रहा है।

​डिजिटल तकनीक व ई-विकास प्रणाली से मदद

​किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने ई-विकास प्रणाली की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से किसान अपनी पसंद की दुकानों से खाद और उर्वरक आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। हाट बाजार में अब विभाग की एक विशेष टीम भी तैनात रहेगी जो किसानों को डिजिटल लेन-देन और उन्नत खेती की नई तकनीकों के बारे में सलाह देगी। इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को प्रेरित किया कि वे जैविक उत्पादों की खरीद को परिवार के स्वास्थ्य के लिए एक निवेश के रूप में देखें, जिससे बीमारियों से बचाव संभव है।

​बेहतर प्रबंधन से बढ़ी हाट की लोकप्रियता

​आयोजन को व्यवस्थित रूप देने में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रश्मि परसाई सहित विभाग के अनेक कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। हाट में अनाज, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री सीधे खेत से थाली तक पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। किसानों को उनके पसीने की सही कीमत मिल रही है और ग्राहकों को बिना मिलावट का सामान मिल रहा है। प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में जैविक हाट का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसान इस अभियान से जुड़ सकें और नागरिकों को उनके घर के नजदीक ही स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री प्राप्त हो सके।

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