विद्युत विसंगतियों को दूर करने के लिए जमीनी स्तर पर बड़े चल रहा अभियान
जबलपुर । शहर में बढ़ती गर्मी के दौरान उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली प्रदान करने के लिए विद्युत विभाग ने 21 मई से एक 15 दिवसीय विशेष महाअभियान प्रारंभ किया है। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के निर्देशन में शुरू हुए इस अभियान के तहत 6 कार्यपालन अभियंता, समस्त सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और लाइन कर्मचारियों सहित आउटसोर्सिंग स्टाफ की 30 टीमें मैदान में उतारी गई हैं। यह टीमें रोजाना 14-14 घंटे काम करते हुए शाम 6 से रात 9 बजे तक लाइनों और ट्रांसफार्मर की बारीक जांच कर रही हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आज से ही धरातल पर दिखने लगे हैं। फेस टू कॉलोनी में गुप्ता हॉस्पिटल के सामने बने बड़े बिजली संकट को दूर करने के लिए नया ट्रांसफार्मर लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में केबिल बदलने और क्षमता विस्तार का कार्य
इस विशेष अभियान के दूसरे दिन शुक्रवार को बिजली विभाग के तकनीकी अमले ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चिन्हित की गई तकनीकी कमियों को दूर करने का काम किया। रांझी के अंतर्गत आने वाले बापूनगर क्षेत्र में बिजली की क्षमता बढ़ाने के लिए 200 केव्हीए का एक नया वितरण ट्रांसफार्मर लगाया गया है। इसके साथ ही कटंगा की एपीआर कालोनी में बार-बार फ्यूज उड़ने की पुरानी समस्या का हमेशा के लिए खात्मा करते हुए वहां खराब पड़े 200 के0व्ही०ए० के ट्रांसफार्मर को हटाकर बिल्कुल नया ट्रांसफार्मर चालू कर दिया गया है। घमापुर क्षेत्र में भी ओवरलोडिंग से निपटने के लिए बिजली के भार का संतुलन किया गया है, जिससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को कम वोल्टेज और ट्रिपिंग से राहत मिल सके। बिजली विभाग की टीमों ने शहर के मुख्य रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का कार्य तेज कर दिया है। पोलीपाथर, राईट टाउन, गोरखपुर क्षेत्र में सम्पत साड़ी के पास, मेडिकल, तेवर, नानक नगर, नरधैया, तिलकभूमि तलैया और अधारताल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पुरानी तारों को हटाकर उच्च क्षमता वाली एक्सएलपीई केबिल बिछाने का काम पूरा किया गया है। इस अभियान का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य कांचघर द्वारका नगर क्षेत्र में हुआ है। वहां लगातार बढ़ते लोड के कारण बिजली संकट पैदा हो रहा था, जिससे निपटने के लिए 33/11 के0व्ही० सिद्धबाबा उपकेन्द्र में पहले से काम कर रहे 2x5MVA के सिस्टम को पैरेलल ऑपरेशन पर चलाकर ओवरलोड की समस्या का एक स्थायी समाधान खोजा गया है।
देर रात तक चल रही जांच से आम जनता में बढ़ी संतुष्टि
विद्युत अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा रात के समय टांगटेस्टर की मदद से ट्रांसफार्मर, फीडर, सर्किट केबिल, जम्फर और पावर ट्रांसफार्मर के लोड की लाइव चेकिंग की जा रही है। 33/11 के0व्ही० सबस्टेशन यार्ड की सुरक्षा और तकनीकी स्थिति को भी परखा जा रहा है। आमतौर पर केवल बिजली कटौती या राजस्व वसूली के लिए पहचान रखने वाली बिजली विभाग की टीम को रात में फॉल्ट होने से पहले ही सुधार करते देख नागरिक हैरान हैं और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा रहे हैं। फेस टू कॉलोनीवासियों ने भी गुप्ता हॉस्पिटल के पास ट्रांसफार्मर बदलने की शुरुआत होने पर राहत महसूस करते हुए विभागीय अधिकारियों के प्रति आभार जताया है।
