नई दिल्ली. रेलवे ने रनिंग स्टाफ को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। रेलवे बोर्ड ने वंदे भारत समेत देश की 155 प्रमुख ट्रेनों को आधिकारिक तौर पर हाई-स्पीड श्रेणी में शामिल कर लिया है। इस निर्णय से इन ट्रेनों का संचालन करने वाले हजारों लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) के भत्तों में पांच से 10 हजार रुपये तक की वृद्धि का रास्ता साफ़ हो गया है।
ये ट्रेनें हैं शामिल
अभी तक वंदे भारत और कई अन्य अत्याधुनिक ट्रेनें पटरियों पर दौड़ तो रही थीं, लेकिन तकनीकी रूप से हाई-स्पीड सूची में शामिल न होने के कारण उनके स्टाफ को विशेष भत्ते का लाभ नहीं मिल पा रहा था। रेलवे बोर्ड ने 21 मई गुरूवार को 155 हाई स्पीड ट्रेनों की सूची जारी की है। इसमें वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, तेजस के साथ-साथ प्रयागराज एक्सप्रेस, महाबोधि, शिवगंगा और श्रमशक्ति जैसी प्रतिष्ठित ट्रेनों को भी जगह दी गई है। अब इन ट्रेनों के चालक दल को विशेष हाई-स्पीड दर से माइलेज भत्ता दिया जाएगा।
इतना होगा हाई स्पीड भत्ता
लोको पायलट के लिए अब प्रति सौ किलोमीटर पर 121 रुपये तक की वृद्धि निर्धारित की गई है। अब लोको पायलट के लिए प्रति 100 किलोमीटर की दर 485 से बढ़कर 606 और गार्ड के लिए 439 से बढ़कर 549 हो गई है। चूंकि हाई-स्पीड ट्रेनें कम समय में अधिक दूरी तय करती हैं, इसलिए स्टाफ के पेड किलोमीटर बढ़ जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें प्रति ट्रिप मिलने वाला विशेष बोनस भी अब बढ़ी हुई दरों से मिलेगा।
5 हजार से 10 हजार रुपये तक की होगी वृद्धि
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, माइलेज दरों में बदलाव और ट्रिप एलाउंस से रनिंग स्टाफ के मासिक वेतन में 5,000 से 10,000 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है।
