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सरकार ने दी ट्रांसफर पॉलिसी को हरी झंडी, जबलपुर सहित महाकौशल में अफसरों की दौड़ शुरू



जबलपुर। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार द्वारा आज राज्य में तबादलों से प्रतिबंध हटाने के बड़े फैसले के बाद जबलपुर सहित पूरे महाकौशल अंचल के प्रशासनिक हल्कों में सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने 1 जून से 15 जून तक की अवधि के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दे दी है, जिससे लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे या अपनी पसंद के जिलों में जाने की इच्छा रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के इस निर्णय में पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन रखने पर जोर दिया गया है। इस घोषणा के बाद से ही जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में मैदानी और लूप लाइन में पदस्थ अधिकारियों ने अपनी गोटियां बिठाना और मनचाही पोस्टिंग के लिए प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर लॉबिंग करना शुरू कर दिया है।

​जबलपुर संभाग में फेरबदल की लॉबिंग

​जबलपुर और इसके आसपास के जिलों में कई ऐसे विभाग हैं जहां अधिकारी पिछले 3 साल से अधिक समय से एक ही कुर्सी पर काबिज हैं। नई तबादला नीति के लागू होते ही राजस्व, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और आबकारी जैसे मलाईदार विभागों में बड़े पैमाने पर सर्जरी होने की संभावना है। महाकौशल क्षेत्र के कई बड़े चेहरे और रसूखदार अफसर जो लंबे समय से राजधानी भोपाल या मालवा क्षेत्र में जाने की जुगत में थे, वे अब सक्रिय हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर मैदानी जिलों में फील्ड पोस्टिंग की चाह रखने वाले अधिकारियों के लिए भी यह 15 दिन का समय बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मंत्रियों तक नाम पहुंचाने का दौर भी शुरू हो चुका है।

​नई नीति के कड़े प्रावधान, पारदर्शिता की शर्त

​शासन द्वारा इस बार तबादला प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने का दावा किया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका को खत्म किया जा सके। इसके बावजूद प्रशासनिक और राजनीतिक संतुलन बनाए रखना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। जबलपुर संभाग के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में खाली पड़े पदों को भरना भी इस नई नीति का एक मुख्य उद्देश्य है ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। अधिकारी और कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है क्योंकि पिछले काफी समय से तबादलों पर पूरी तरह रोक लगी हुई थी, जिससे कई जायज मामलों में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही थी। 1 जून से पोर्टल खुलते ही आवेदनों की बाढ़ आने की उम्मीद है।

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