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रेलवे में तत्काल टिकटों में हेराफेरी रोकने बड़ा फैसला, किया टोकन नियम लागू



काउंटर बाबू की मनमानी और दलालों पर कसेगा शिकंजा,सीसीटीवी कैमरे होने के बाद भी जबलपुर और भोपाल रेल मंडल में सक्रिय हैं दलाल

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर तत्काल टिकट बुकिंग में लगातार मिल रही गड़बड़ी और दलाली की शिकायतों के बाद प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार, तत्काल आरक्षण प्रक्रिया को सरल, व्यवस्थित और यात्री अनुकूल बनाने के लिए अब स्टेशनों पर टोकन प्रणाली लागू कर दी गई है। यह कदम मुख्य रूप से श्री महावीर जी स्टेशन पर 18 मई को सुबह 5 बजे से लाइन में लगे पहले नंबर के यात्री शेर सिंह मीणा, दूसरे नंबर के घनश्याम और तीसरे नंबर के अजय मीणा को आरक्षण बाबू द्वारा टिकट न देकर अपने किसी परिचित प्रेमा सिंह का टिकट बनाने की लिखित शिकायत के बाद उठाया गया है। इसके अलावा भवानी मंडी, जबलपुर और भोपाल मंडल में भी ऐसी ही धांधली सामने आई थी।

​नई व्यवस्था का समय और टोकन वितरण का नियम

​रेल प्रशासन ने नई टोकन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत वातानुकूलित यानी एसी श्रेणी के तत्काल टिकटों के लिए सुबह 9 बजे से 9.25 बजे तक टोकन बांटे जाएंगे। इसके ठीक बाद, शयनयान यानी स्लीपर श्रेणी के तत्काल टिकटों के लिए सुबह 9.30 बजे से 9.55 बजे तक टोकन का वितरण किया जाएगा। इस निर्धारित समय में टोकन प्राप्त करने वाले यात्रियों को उनके टोकन नंबर के क्रम के अनुसार ही सहज रूप से तत्काल टिकट खिड़की से दिए जाएंगे, जिससे लाइन में लगने को लेकर होने वाला विवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

​श्री महावीर जी स्टेशन की शिकायत पर हुई कार्रवाई

​इस नई व्यवस्था को लागू करने का मुख्य कारण हाल ही में श्री महावीर जी स्टेशन पर हुआ घटनाक्रम है। वहां टिकट लेने पहुंचे यात्री शेर सिंह मीणा 18 मई को सुबह 5 बजे ही लाइन में सबसे आगे यानी 1 नंबर पर खड़े हो गए थे। उनके ठीक पीछे घनश्याम और अजय मीणा क्रमशः 2 और 3 नंबर पर थे। सुबह जब आरक्षण खिड़की खुली, तो पहले नंबर पर होने के बावजूद शेर सिंह को टिकट नहीं मिल सका। आरक्षण बाबू ने नियमों को ताक पर रखकर अपने परिचित प्रेमा सिंह का टिकट पहले बना दिया, जो पहले आरपीएफ में कार्यरत था। विरोध करने पर उचित कार्रवाई नहीं हुई और आरपीएफ ने भी जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया, जिसके बाद पीड़ित ने कोटा मंडल के उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत की। ऐसी ही एक शिकायत भवानी मंडी स्टेशन पर एक शिक्षक ने भी दर्ज कराई थी।

​जबलपुर और भोपाल मंडल में भी दलालों का जाल

​तत्काल टिकटों में हेराफेरी की यह समस्या केवल कोटा मंडल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जबलपुर और भोपाल मंडल के आरक्षण केंद्रों पर भी दलाल पूरी तरह सक्रिय हैं। सूत्रों के अनुसार, दलालों के एजेंट रात से ही टिकट काउंटर के आसपास डेरा जमा लेते हैं और सुबह काउंटर खुलते ही सबसे पहले लाइन में घुसकर टोकन हासिल कर लेते हैं। इन सभी बड़े आरक्षण केंद्रों पर सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी इनकी फुटेज जांचने की कोशिश नहीं करता। यदि सीसीटीवी फुटेज की नियमित निगरानी की जाए, तो रोजाना लाइन में लगने वाले इन संदिग्ध चेहरों को आसानी से चिन्हित किया जा सकता है। इस पूरे खेल में स्थानीय सुरक्षा बल की मिलीभगत की बातें भी सामने आ रही हैं।

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