जबलपुर। जबलपुर तहसील के अंतर्गत घाना क्षेत्र में स्थित सुकून रिसॉर्ट पर प्रशासन की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे पूरी तरह सील कर दिया है। एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह के नेतृत्व में पहुंचे जांच दल ने निरीक्षण के दौरान रिसॉर्ट में गंभीर अनियमितताएं पाईं। रिसॉर्ट प्रबंधन द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने, प्राकृतिक नाले के बहाव को रोकने, फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने और किचन में अत्यधिक गंदगी रखने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। इसके साथ ही रिसॉर्ट के रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री भी असुरक्षित तरीके से खुले में रखी पाई गई थी। इन सभी गंभीर कमियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही परिसर को बंद करने की सख्त कार्रवाई पूरी की।
प्राकृतिक नाले पर अतिक्रमण और शासकीय भूमि पर कब्जा
जांच टीम ने मौके पर पाया कि रिसॉर्ट संचालक ने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कर रखा था। सबसे गंभीर स्थिति यह सामने आई कि वहां से बहने वाले एक जीवंत प्राकृतिक नाले के मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया था। अतिक्रमण के कारण नाले का प्राकृतिक प्रवाह बेहद संकरा और छोटा हो चुका था, जिससे पर्यावरण और आसपास के जलभराव की स्थिति पर विपरीत असर पड़ रहा था। प्रशासन ने इस अवैध निर्माण को शासकीय नियमों का सीधा उल्लंघन माना है।
किचन में अत्यधिक गंदगी और असुरक्षित खाद्य सामग्री
प्रशासनिक दल ने जब रिसॉर्ट के भीतर संचालित रेस्टोरेंट और किचन का मुआयना किया, तो वहां स्वास्थ्य मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं। किचन के भीतर बेहद बदबू आ रही थी और चारों तरफ गंदगी पसरी हुई थी। आम जनता को परोसी जाने वाली खाद्य सामग्रियां बिना किसी ढकाव के खुले में रखी हुई पाई गईं, जिससे संक्रामक बीमारियों और फूड पॉइजनिंग का बड़ा खतरा बना हुआ था।
फायर एनओसी और सुरक्षा प्लान का अभाव
जांच के दौरान रिसॉर्ट परिसर में आगजनी जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं मिले। प्रबंधन के पास न तो कोई वैध फायर प्लान मौजूद था और न ही अग्निशमन विभाग द्वारा जारी की जाने वाली अनिवार्य फायर एनओसी पाई गई। व्यावसायिक परिसर में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह सुरक्षा मानकों की अनदेखी को प्रशासन ने बेहद खतरनाक माना।
मौके पर प्रशासनिक अमले की सख्त कार्रवाई
इन सभी अनियमितताओं के उजागर होने के बाद एसडीएम के निर्देशन में राजस्व और संबंधित विभागों की टीम ने तुरंत पंचनामा तैयार किया। रिसॉर्ट की गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोकते हुए पूरे परिसर के मुख्य द्वारों को सील बंद कर दिया गया। प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण के मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
