जबलपुर। कोटा-नागदा रेलखंड पर कंवलपुरा और दरा स्टेशनों के बीच एक निर्माणाधीन अंडर ब्रिज की मिट्टी अचानक धंसने से गुरुवार को दो रेल इंजीनियरों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में रामगंजमंडी के 50 वर्षीय वरिष्ठ खंड अभियंता संजय झा और भवानी मंडी के 27 वर्षीय कनिष्ठ कार्य इंजीनियर प्रभात सिंह सोलंकी शामिल हैं। यह भीषण हादसा देर शाम करीब 7.30 बजे उस समय हुआ जब दोनों अधिकारी अवकाश के दिन चल रहे काम की प्रगति देखने निर्माण स्थल के नीचे गए थे। इसी दौरान ऊपर चल रही जेसीबी मशीन के दबाव से भारी मात्रा में मिट्टी उनके ऊपर आ गिरी। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने 15 मिनट की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।हादसे के बाद कोटा रेल मंडल में गहरा शोक और आक्रोश है। कर्मचारियों का आरोप है कि सुपरवाइजरों पर चौबीसों घंटे काम निपटाने का भारी प्रशासनिक दबाव रहता है। देर रात तक चलने वाली बैठकों के कारण वे मानसिक तनाव में रहते हैं। उल्लेखनीय है कि 5 साल के भीतर कोटा मंडल में मिट्टी ढहने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 3 मई 2021 को डकनिया स्टेशन के पास भी एक ट्रैकमैन की इसी तरह मौत हुई थी, जिसकी विजिलेंस जांच रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। रेलवे प्रशासन ने फिलहाल इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
कोटा-नागदा रेलमार्ग पर बड़ा हादसा, सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते दो रेल इंजीनियरों की मौत
byKhabarAbhiTak
-
0
