नई दिल्ली। रेलवे के लाखों कर्मचारियों को बोर्ड के आदेश से बड़ी राहत मिली है. उनके ट्रांसफर, प्रमोशन और पासपोर्ट के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का काम नहीं लटकेगा। रेलवे बोर्ड ने कार्यालयों की लेट-लतीफी को खत्म करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन सभी कामों के लिए कागजी फाइलें नहीं चलाई जाएंगी, बल्कि सारा काम ई-रसीद यानी पूरी तरह आनलाइन और डिजिटल सिस्टम से फटाफट होगा।
दरअसल, रेलवे बोर्ड ने जब अपने कार्यालयों के कामकाज की जांच की, तो सामने आया कि 100 से ज्यादा जरूरी मामले सिर्फ इसलिए अटके पड़े थे क्योंकि उनकी कागजी फाइलें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर काट रही थीं। इस सुस्ती को देखते हुए बोर्ड ने तय किया है कि अब रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए पारंपरिक फाइल सिस्टम की जरूरत नहीं होगी।
आनलाइन मिलेगा प्रमाण पत्र
नई व्यवस्था के तहत अब कर्मचारियों के प्रमोशन और ट्रांसफर से जुड़ी विजिलेंस क्लीयरेंस यानी सतर्कता विभाग से भ्रष्टाचार या हेराफेरी आदि न करने का प्रमाण पत्र आनलाइन मिल जाएगा। अनुशासन विभाग से क्लीन चिट और अन्य जरूरी मंजूरियां जैसे सालाना प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड आदि से संबंधित रिपोर्ट आनलाइन ही दे दी जाएंगी। साथ ही जिन कर्मचारियों को अपना पासपोर्ट बनवाना है या विदेश घूमने जाना है, उन्हें भी एनओसी के लिए अब महीनों इंतजार की जगह डिजिटल ही एनओसी जारी कर दी जाएगी।
रेलवे बोर्ड ने 26 मई को जारी किया आदेश
रेलवे बोर्ड के संयुक्त सचिव टी. श्रीनिवास द्वारा 26 मई को जारी इस आदेश को तत्काल प्रभाव से एनसीआर समेत सभी जोन में लागू हो गया है। इससे देशभर के लाखों रेल कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
