जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा रेल मंडल के अंतर्गत लूनी रिकरिच्छा रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12431 तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के कोच में आग लगने की घटना के बाद रेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह द्वारा गठित छह सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति ने 18 मई को घटनास्थल और जले हुए कोच का विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया। प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के नेतृत्व में विशेष तकनीकी दल ने कोच की स्थिति तथा अग्निकांड से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच की। इस समिति में पश्चिम मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता मुकेश सिंह, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एम. विजय कुमार, आईसीएफ के प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एन. एस. प्रसाद, आरडीएसओ के कार्यकारी निदेशक महेंद्र सिंह और पश्चिम मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार शामिल हैं, जिन्होंने कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जैज़ टीम जल्दी ही जीएम ऑफिस पहुंचेगी और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी,जिसे रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
जांच के दायरे में दिल्ली और बड़ोदरा का रेल स्टाफ
घटना की कड़ियों को जोड़ने और वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए प्रभावित पूरी ट्रेन के बड़ोदरा एवं दिल्ली स्टाफ को जांच के लिए जीएम ऑफिस बुलाया गया है। यहां वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में घटना के दिन ट्रेन में तैनात कर्मचारियों के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रारंभिक तकनीकी जांच के दौरान मुख्य रूप से शॉर्ट सर्किट, इलेक्ट्रिकल फॉल्ट अथवा किसी अन्य ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। हालांकि रेल प्रशासन अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहा है, लेकिन विशेषज्ञों की टीम हर एक बिंदु का विश्लेषण कर रही है ताकि हादसे की सटीक वजह सामने आ सके।
सुरक्षा मानकों और कोच फिटनेस पर उठे गंभीर सवाल
इस भीषण अग्निकांड के बाद पश्चिम मध्य रेलवे में सुरक्षा व्यवस्थाओं और यात्री कोचों की फिटनेस को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। लूनी रिकरिच्छा स्टेशन पर घटना के दौरान यात्रियों के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा दल की मुस्तैदी से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अब पूरे कोच की तकनीकी बारीकियों को खंगाला जा रहा है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किन परिस्थितियों में आग भड़की। इस पूरी जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही रेलवे बोर्ड को भेजी जानी है।
भविष्य में हादसों को रोकने के लिए विशेष तकनीकी कवायद
इस उच्च स्तरीय जांच समिति के सहयोग के लिए मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक ललित धुरंधर ने शाखा अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया है। समिति इस पूरे मामले में तकनीकी पहलुओं, मूल कारणों और सुरक्षा मानकों की गहनता से समीक्षा कर रही है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य इस घटना के पीछे की कमियों को उजागर करना और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना है, ताकि आने वाले समय में रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और इस प्रकार की गंभीर दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोका जा सके।
