khabar abhi tak

प्राथमिक शिक्षक भर्ती विवाद: बोनस अंकों पर हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

 


जबलपुर। मध्यप्रदेश में 13,089 पदों के लिए जारी प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। मेरिट सूची में बोनस अंकों के आवंटन पर विवाद के बाद जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जस्टिस विशाल धगट की एकल पीठ ने सोनम अगरैया और अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल और अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने पैरवी की।

फर्जी प्रमाणपत्रों की आशंका

​भर्ती नियमों के अनुसार, भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा में डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवारों को ही 5% बोनस अंक दिए जाने थे। लेकिन याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मेरिट लिस्ट में शामिल लगभग 14,964 अभ्यर्थियों ने इस बोनस श्रेणी के तहत आवेदन किया है। जबकि परिषद के पोर्टल के अनुसार, मध्यप्रदेश में केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। यह भारी विसंगति फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की आशंका पैदा करती है।

सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल

​याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने बताया कि अभ्यर्थियों से परिषद के पंजीयन नंबर या प्रमाणपत्र का सत्यापन नहीं किया गया। केवल ऑनलाइन आवेदन में बोनस श्रेणी चुनने के आधार पर उन्हें सीधे 5% अंक दे दिए गए। यह भी आरोप लगाया गया कि विभाग को इस स्थिति की जानकारी थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कुछ अभ्यर्थियों ने स्वीकार किया कि वे बिना प्रमाणपत्र के बोनस का लाभ ले रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने 27 फरवरी 2026 को जारी मेरिट लिस्ट को रद्द कर नई सूची जारी करने की मांग की है। अब हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर ही निर्भर करता है कि भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी या नहीं।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak