khabar abhi tak

ट्रांसको का स्वदेशी पर जोर:ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस विंग में भी अब स्वदेशी आराताई एप से होगी रिपोर्टिंग



जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने डिजिटल कार्यप्रणाली में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए पूरे प्रदेश में स्वदेशी आराताई एप का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। इस महत्वपूर्ण कदम के तहत ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता श्री डीके अग्रवाल ने निर्देश जारी कर दिए हैं। अब प्रदेश की 43 हजार सर्किट किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रांसमिशन लाइनों और लगभग 90 हजार ट्रांसमिशन टावरों के रखरखाव से जुड़े 4 ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस सर्कल, 12 ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस संभाग और 37 ट्रांसमिशन लाइन मुख्यालयों के समस्त अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिए प्रतिदिन की रिपोर्टिंग, ट्रिपिंग की स्थिति, मेंटेनेंस गतिविधियों और अन्य आधिकारिक संदेशों के आदान-प्रदान के लिए केवल आराताई एप का उपयोग करना जरूरी होगा।

​चरणबद्ध तरीके से बढ़ा एप का दायरा

​मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा इस स्वदेशी तकनीक को पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। शुरुआत में इस एप का उपयोग कंपनी के सबसे बड़े विंग टेस्टिंग में अनिवार्य किया गया था। टेस्टिंग विंग में मिली सफलता के बाद अब इसे ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस विंग में भी पूरी तरह लागू कर दिया गया है। कंपनी का उद्देश्य अपनी संचार व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।

​व्हाट्सएप संदेशों की मान्यता समाप्त

​मुख्य अभियंता डीके अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि अब व्हाट्सएप पर किए जाने वाले किसी भी प्रकार के आधिकारिक संदेश मान्य नहीं किए जाएंगे। कंपनी के सभी स्तरों पर केवल स्वदेशी तकनीक के माध्यम से ही सूचनाओं का आदान-प्रदान होगा। इस नए बदलाव से विभागीय सूचनाएं सुरक्षित रहेंगी और कार्यों की निगरानी भी आसान होगी। एमपी ट्रांसको द्वारा उठाया गया यह कदम स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak