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बरगी क्रूज हादसा:पायलट के बयान ने खोली पर्यटन विभाग की पोल, सात महीने पहले ही दी गई थी क्रूज के खराब इंजन की सूचना



जबलपुर। बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे की जांच के दौरान अब चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। कलेक्ट्रेट कार्यालय में बयान दर्ज कराने पहुंचे क्रूज के पायलट महेश पटेल ने पर्यटन विभाग और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पायलट का कहना है कि क्रूज के इंजन में खराबी आने की सूचना विभाग को महीनों पहले दे दी गई थी, लेकिन उस पर ध्यान देने के बजाय चेतावनी देने वालों पर ही कार्रवाई की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है और अब मामला उच्च न्यायालय की दहलीज तक पहुंच गया है।

​इंजन में खराबी की पहले ही दी गई थी लिखित सूचना

​पायलट महेश पटेल के अनुसार क्रूज के संचालन में लंबे समय से तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं। अक्टूबर 2025 में मैकल रिसॉर्ट के तत्कालीन मैनेजर सुनील मरावी ने पर्यटन विभाग के भोपाल मुख्यालय को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि क्रूज के दो इंजनों में से एक की कार्यक्षमता काफी कम हो गई है। दूसरा इंजन भी विश्वसनीय नहीं था और वह कभी भी अचानक बंद हो जाता था। आरोप है कि विभाग ने इस गंभीर तकनीकी खामी को सुधारने के बजाय रिपोर्ट देने वाले मैनेजर को ही सस्पेंड कर दिया था। इस लापरवाही के कारण ही बीच लहरों में क्रूज अनियंत्रित हुआ और यह बड़ा हादसा हो गया।

​पायलट ने खुद को बेकसूर बताते हुए दी सफाई

​हादसे के बाद पायलट पर मौके से भागने के जो आरोप लगे थे, उन्हें महेश पटेल ने पूरी तरह नकार दिया है। बयान में बताया गया कि उसने यात्रियों की जान बचाने का पूरा प्रयास किया था। क्रूज के भीतर पानी की एक बड़ी लहर आने के कारण वह खुद पानी के तेज बहाव में बह गया था, न कि वह डरकर भागा था। पायलट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने क्रूज पर सवार सभी यात्रियों को सुरक्षा की दृष्टि से लाइफ जैकेट पहनने का निर्देश दिया था, परंतु यात्रियों ने उसकी बात को अनसुना कर दिया। यदि यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी होती, तो जान-माल का इतना नुकसान नहीं होता।

सबूतों को नष्ट करने के उद्देश्य से क्रूज तोड़ने का आरोप

​बरगी क्षेत्र के विधायक नीरज सिंह ने क्रूज को आनन-फानन में नष्ट किए जाने की प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई है। विधायक का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले ही क्रूज को तोड़ना साक्ष्य मिटाने की साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर किन वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। विधायक ने इस बात पर जोर दिया है कि क्रूज को तोड़ने के पीछे की मंशा और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी अलग से उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि क्या किसी तकनीकी विफलता को छिपाने के लिए ऐसा किया गया।

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