जबलपुर। बरगी हादसे के बाद गौरीघाट में बंद किए नौकायन को प्रशासनिक हस्तक्षेप और बातचीत के दौर के बाद फिर शुरू तो कर दिया गया है। लेकिन हालात यह है कि इन नौकाओं में दिखाने को लाइफ जैकेट हैं। सवारियों के हिसाब से जैकेट नहीं दिए जा रहे हैं, जिससे खतरे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संस्कारधानी में मां नर्मदा नदी के तीर्थ स्थल गौरीघाट में प्रशासन और नाविकों के बीच लंबी बातचीत के बाद नौका संचालन दोबारा शुरू कर दिया है। बरगी क्रूज हादसे के बाद सुरक्षा कारणों के चलते करीब 20 दिनों से नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। प्रशासन ने कुछ बेहद जरूरी और सख्त सुरक्षा शर्तों के साथ ही नौका संचालन की अनुमति दी है। प्रत्येक नाव में केवल 5 से 6 सवारियों को ही बैठाने की इजाजत होगी, सभी यात्रियों और नाविकों के लिए लाइफ जैकेट और सुरक्षा ट्यूब रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
मौजूदा हालात यह है कि नाव तो चलाई जा रही है। इसमें 5-6 सवारियां भी बिठाई जा रही हैं लेकिन इनमें जैकेट पर्याप्त नहीं रखे जा रहे हैं। उधर, यह भी सामने आ रहा है कि दिखाने के लिए एक नाव वाला दूसरे को जैकेट दे रहा है। नाव का ठेकेदार इस मामले में कुछ नहीं कर रहा है, जिससे बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
