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जबलपुर.: खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे तत्काल प्रभाव से निलंबित



जबलपुर। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने जबलपुर में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. शिकायतकर्ता विनीत कुमार ने हर्बल इंडिया कॉरपोरेशन कंपनी पनागर के फूड लाइसेंस आवेदन पर समय सीमा के भीतर उचित कार्रवाई न करने और घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए थे. विभागीय जांच में पाया गया कि 09/01/2026 को किए गए आवेदन पर लगभग 5 महीने बीत जाने के बाद भी 28/05/2026 तक लाइसेंस केवल निरीक्षण स्तर पर लंबित रखा गया था. संयुक्त नियंत्रक टीना यादव द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में देवेंद्र कुमार दुबे का नया मुख्यालय जिला दमोह निर्धारित किया गया है.

लाइसेंस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी 

​शिकायतकर्ता विनीत कुमार ने अपनी कंपनी के लाइसेंस के लिए सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 36675858 दर्ज कराई थी. इस शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि हर्बल इंडिया कॉरपोरेशन पनागर का फूड लाइसेंस आवेदन नंबर 20260109108169389 लंबे समय से विभाग के पास लंबित पड़ा हुआ है. प्रशासनिक जांच के दौरान यह गंभीर बात सामने आई कि संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे ने इस महत्वपूर्ण लाइसेंस आवेदन पत्र पर तय समय सीमा के भीतर न तो कोई ठोस कदम उठाया और न ही शिकायतकर्ता की समस्या का कोई उचित समाधान खोजने की कोशिश की. नियमानुसार किसी भी लाइसेंस आवेदन का निराकरण अधिकतम 60 दिनों की अवधि में होना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां नियमों की पूरी तरह अनदेखी की गई. इतने लंबे समय तक आवेदन को लंबित रखना वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्य के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और राजकीय कर्तव्यों के उल्लंघन के रूप में देखा गया, जो पूरी तरह से कदाचरण की श्रेणी में आता है. इसी वजह से विभाग ने शासकीय नियमों के तहत यह कड़ी कार्रवाई की है.

​वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई के तहत देवेंद्र कुमार दुबे को मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत पूरी तरह से निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका नया कार्यक्षेत्र कार्यालय उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला दमोह तय किया गया है, जहां उन्हें नियमों के अधीन रहते हुए जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. इस कड़े प्रशासनिक आदेश की जानकारी और आवश्यक आगामी कार्रवाई के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के माननीय राज्य मंत्री के निज सचिव, अपर मुख्य सचिव, जबलपुर संभागीय आयुक्त, जबलपुर कलेक्टर और जबलपुर तथा दमोह के उपसंचालक सहित सभी वरिष्ठ कार्यालयों को सूचना पत्र भेज दिए गए हैं. विभाग ने इस कार्रवाई से यह कड़ा संदेश दिया है कि आम जनता के काम में और तय समय सीमा की शासकीय व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी.

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