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मेडिकल यूनिवर्सिटी में थीसिस चोरी पर लगाम,अब मेल नहीं पोर्टल पर करनी होगी अपलोड

 


जबलपुर। मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के पीजी छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने थीसिस जमा करने की पुरानी ईमेल आधारित व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब शैक्षणिक सत्र 2023-24 के एमडी, एमएस और एमडीएस संकाय के विद्यार्थियों को अपनी थीसिस सीधे विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। यह निर्णय तकनीक संबंधी समस्याओं को दूर करने और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

​साहित्यिक चोरी रोकने कड़े नियम लागू

​विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए थीसिस में साहित्यिक चोरी यानी प्लैजिरिज्म को रोकने हेतु सख्ती बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत पोर्टल पर थीसिस अपलोड करते समय छात्रों को एक अनिवार्य प्रमाणपत्र भी संलग्न करना होगा। इस प्रमाणपत्र में छात्र को यह स्पष्ट करना होगा कि उनकी थीसिस में शामिल सामग्री किसी अन्य स्रोत से अवैध रूप से कॉपी नहीं की गई है और वह मौलिक है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना भी जारी कर दी है ताकि छात्रों को नियमों की स्पष्ट जानकारी रहे।

​आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ी

​छात्रों के सामने आ रही तकनीकी परेशानियों और उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने थीसिस और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि में संशोधन किया है। इससे पहले थीसिस जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च और फिर 30 अप्रैल निर्धारित की गई थी, जिसे अब दूसरी बार बढ़ाकर 15 मई कर दिया गया है। छात्र 2 हजार रुपये का निर्धारित शुल्क जमा कर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी थीसिस जमा कर सकते हैं। समय सीमा बढ़ने से उन विद्यार्थियों को राहत मिली है जो तकनीकी कारणों से अब तक अपना काम पूरा नहीं कर पाए थे।

​तकनीकी सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी

​कुलगुरु डॉ. अशोक खंडेलवाल के निर्देशन में शुरू की गई इस नई व्यवस्था का मुख्य लाभ यह है कि पोर्टल पर अपलोड होते ही थीसिस सीधे मूल्यांकन के लिए भेजी जा सकेंगी। पूर्व में ईमेल पर रिकॉर्ड रखने और फाइलों के प्रबंधन में काफी परेशानी आती थी। विश्वविद्यालय के एकेडमिक सेक्शन के प्रभारी एवं डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अजय मिश्रा के अनुसार पोर्टल संबंधी किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की गई है। छात्र इन नंबरों पर संपर्क कर अपनी समस्याओं का निराकरण प्राप्त कर सकते हैं।

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