बताया गया है कि दो दिन पहले शुक्रवार को देर रात वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति उम्र 38 वर्ष अपने साथी सूरज अहिरवार 40 वर्ष के साथ बिजली फिटिंग का सामान लेने गढ़ाकोटा गया था। देर रात लौटते समय रास्ते में एक बोलेरो से आए 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया। शराब बेचने के शक में आरोपियों ने दोनों युवकों के साथ लाठी-डंडों और लात-घूंसों से जमकर मारपीट की। इस हमले में नीरज बुरी तरह घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला था। शनिवार सुबह नीरज प्रजापति का शव बरेठा बाबा की घाटी पर सड़क किनारे पड़ा मिला था। आरोपियों ने हत्या को सड़क हादसा साबित करने के लिए शव को वहां फेंक दिया था। वहीं घायल अवस्था में घर पहुंचे सूरज को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार को नीरज की मौत के बाद आज रविवार को इलाज के दौरान सूरज ने भी दम तोड़ दिया। लगातार दो मौतों के बाद इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया। नीरज के बाद रविवार को सूरज की मौत की खबर मिलते ही परिजन भड़क गए। उन्होंने शाहपुर में शव रखकर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी लगातार मांग कर रहे थे कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने लापरवाही बरतने के आरोप में शाहपुर चौकी प्रभारी को हटाकर उन पर भी सख्त कार्रवाई की मांग रखी है।
मौत से पहले सूरज ने बताए थे आरोपियों के नाम-
अस्पताल में भर्ती सूरज ने मौत से पहले पुलिस को बताया था कि गढ़ाकोटा रोड पर बोलेरो से उतरे लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें सुबह तक पीटा था। आरोपियों ने नीरज को बेहोश होने तक मारा, जिससे उसकी जान गई। सूरज ने अपने बयान में अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत अन्य लोगों को मारपीट में शामिल बताया था। पुलिस ने सूरज के इसी बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।