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जबलपुर की बेटियां संभाल रहीं राइफल, शूटिंग में कॅरियर बनाने का बढ़ा क्रेज



जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद द्वारा गन फॉर ग्लोरी के सहयोग से मशाल परिसर में ग्रीष्मकालीन शूटिंग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में 10 से 16 वर्ष की आयु के कुल 15 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 9 लड़कों के साथ 6 लड़कियां भी शामिल हैं। परिषद के महासचिव फिरोज कुमार मेश्राम ने बताया कि शहर में केवल उनकी परिषद ही खेल शिविर के तहत ओपन साइट एअर राइफल से 10 मीटर निशानेबाजी का सघन प्रशिक्षण दे रही है। इस शिविर में समन्वयक रितिक तिवारी के साथ प्रशिक्षक निशांत बावरिया और विवेक सराठे बच्चों को तैयार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता श्रेया अग्रवाल, महिमा अग्रवाल, रूबिना फ्रांसिस और गौतमी भनोत से प्रेरित होकर ये लड़कियां व्यक्तिगत खेल में बेहतर भविष्य तलाश रही हैं।

​अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की सफलता बनी प्रेरणा

​शहर की चार महिला शूटरों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 37 पदक जीते हैं। इन सीनियर खिलाड़ियों की कामयाबी को देखकर ही जबलपुर की नई उम्र की लड़कियों में निशानेबाजी के प्रति रुझान तेजी से बढ़ा है। ग्रीष्मकालीन शिविर के समन्वयक का मानना है कि महज 15 दिनों के भीतर ही कुछ बालिकाओं में बेहतरीन खेल क्षमता दिखाई दी है, जिससे आने वाले समय में होने वाली प्रतियोगिताओं में उनके शामिल होने और आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे।

​व्यक्तिगत खेल में बेहतर भविष्य की आशा

​इस शिविर में बच्चों को 10 मीटर की दूरी से ओपन साइट एअर राइफल चलाने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षकों के अनुसार सभी बच्चे बेहद लगन और उत्साह के साथ मेहनत कर रहे हैं, जिससे कम समय में ही उनका प्रदर्शन सुधरा है। प्रशिक्षण ले रही लड़कियों का मानना है कि टीम गेम के मुकाबले शूटिंग जैसे व्यक्तिगत खेल में आगे बढ़ने के अवसर ज्यादा होते हैं। इसके साथ ही राइफल थामने से उनमें खुद को मजबूत और सशक्त महसूस करने की भावना भी जागती है।

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