श्रीनगर. पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा आगामी 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा मार्गों से बर्फ हटाने, सड़क मरम्मत, सुरक्षा प्रबंध और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
गांदरबल के जिला उपायुक्त जतिन किशोर ने अधिकारियों के साथ बैठक कर बालटाल मार्ग पर चल रही तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में पुलिस विभाग के साथ सुरक्षा इंतजामों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर तैनाती स्थलों, चेकपोस्ट और तलाशी बिंदुओं को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बेस कैंप के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा स्कैनर लगाने को भी कहा गया है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों ने जानकारी दी कि यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का काम तेजी से चल रहा है और तय समय के भीतर रास्ता श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं, विभिन्न ढांचागत विकास कार्यों के लिए निविदाएं जारी कर दी गई हैं और कई स्थानों पर काम शुरू हो चुका है।
पोनी और पिट्ठू संचालकों का पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया है। श्रम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए RFID और ई-केवाईसी काउंटरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान हो सके।
स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर पर्याप्त शौचालय, साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बालटाल सहित अन्य पड़ावों पर मेडिकल सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है और जरूरी उपकरणों व मेडिकल स्टाफ की तैनाती की जा रही है।
कौन कर सकता है अमरनाथ यात्रा?
13 से 70 वर्ष की आयु के बीच का कोई भी व्यक्ति अमरनाथ यात्रा में शामिल हो सकता है। हालांकि, छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह यात्रा रोमांच पसंद लोगों के लिए भी खास आकर्षण मानी जाती है।
