हादसे में जान गंवाने वाले लाइनमैन रंजीत कोरी की मौत का असली कारण आया सामने
जबलपुर। अधारताल स्थित अमखेरा की इको सिटी में पिछले महीने हुई बिजली कर्मचारी रंजीत कोरी की मृत्यु के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारी की मौत बिजली के झटके से नहीं बल्कि सिर में आई गंभीर चोट की वजह से हुई थी। मेडिकल जांच के बाद यह प्रमाणित हो गया है कि पोल से गिरने के कारण शरीर के कई अंगों में फ्रैक्चर और सिर में अंदरूनी चोट लगने से उनकी जान गई। इस खुलासे के बाद उन दावों पर विराम लग गया है जिनमें करंट लगने को मौत का कारण माना जा रहा था।
पोल पर सुधार कार्य के दौरान बिगड़ा था संतुलन
यह घटना दोपहर करीब 1:30 बजे की है जब कनिष्ठ अभियंता पुष्पजीत सिंह धुर्वे ने रंजीत कोरी को ट्रांसफार्मर की एलटी केबल ठीक करने का निर्देश दिया था। तकनीकी खराबी दूर करने के लिए कर्मचारी लगभग 10 फीट ऊंचे खंभे पर चढ़ा था। कार्य शुरू करने से पहले सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई थी। काम के दौरान अचानक पैर फिसलने से रंजीत का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे कंक्रीट की सड़क पर गिर गए। जमीन पर जोर से टकराने के कारण उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृतक के पुत्र को कम्पनी ने दी नियुक्ति
घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग ने पीड़ित परिवार को संबल प्रदान करने के लिए त्वरित कदम उठाए। परिवार की आर्थिक स्थिति और जरूरतों को देखते हुए विभाग ने रंजीत कोरी के बेटे विवेक कोरी को उसी स्थान पर काम देने की प्रक्रिया शुरू की। विभाग ने प्रशासनिक संवेदनशीलता दिखाते हुए महज 2 से 3 दिनों के भीतर नियुक्ति से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर लिए। इसके बाद विवेक कोरी को नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिया गया ताकि परिवार की आजीविका सुचारू रूप से चलती रहे और उन्हें किसी वित्तीय संकट का सामना न करना पड़े।
सारे लाभ यथावत रहेंगे,कम्पनी परिवार के साथ:अरोरा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुधार कार्य के समय बिजली बंद थी इसलिए करंट लगने की कोई संभावना नहीं थी। अधीक्षक अभियंता,सिटी संजय अरोरा ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए पुष्टि की है कि रंजीत कोरी के परिवार को मिलने वाले सभी सरकारी और विभागीय लाभ सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि विवेक कोरी की नौकरी जारी रहेगी और परिवार को नियमानुसार मिलने वाली सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही विभाग ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ऊंचाई पर काम करने वाले कर्मियों हेतु सुरक्षा बेल्ट और अन्य उपकरणों के अनिवार्य उपयोग पर जोर दिया है।
