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एमपी : 11 जिलों में आज गरज-चमक के साथ बारिश, मौसम विभाग की भीषण गर्मी की चेतावनी

भोपाल. प्रदेश में मई माह में मौसम का अलग - अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां पिछले एक हफ्ते से बेमौसम आंधी-बारिश का दौर जारी है, जिससे प्रदेश वासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। इसी के चलते आज एक बार फिर प्रदेश के 11 जिलों में गरज- चमक के साथ बारिश का अलर्ट तो दिया ही गया है, साथ ही साथ राजधानी भोपाल स्थित राज्य मौसम विभाग ने आगामी दिनों में प्रदेश में येलो अलर्ट के साथ भीषण गर्मी पडऩे की चेतावनी भी जारी की है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से फिलहाल एमपी के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में गरज - चमक के साथ हल्की बारिश और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

10 मई के बाद जमकर तपेगा प्रदेश

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में जारी आंधी और बारिश का दौर ज्यादा लंबा नहीं बचा है। आगामी 9 और 10 मई से मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदलने वाला है। राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं से एक बार फिर प्रदेश का तापमान बढ़ेगा।

43 के पार जा सकता है बड़े शहरों का पारा

विभाग का अनुमान है कि, एक बार फिर शुरु हो रहे गर्मी के दौर में सूबे के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। मालवा और निमाड़ के इलाकों में लू चलने की भी आशंका है।

पिछले 24 घंटों प्रदेश का मौसम

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेशभर के सभी जिलों के तापमान में गिरावट हुई है। इस दौरान दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। इनमें मुख्य रूप से ग्वालियर का तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि भोपाल का 38.4 डिग्री, इंदौर का 38.1 डिग्री, जबलपुर का 37.7 डिग्री, हालांकि, कुछ जिलों में गर्मी के तीखे तेवर भी देखने को मिले। इनमें सबसे अधिक नरसिंहपुर जिले में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ तो खरगोन में 41.2 डिग्री रहा। ये दोनों जिले अब भी प्रदेश के सबसे गर्म इलाके बने हुए हैं।

10 मई से एक और सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक, 10 मई के आसपास एक और नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो सकता है, जिससे उथल-पुथल का ये दौर महीने के मध्य तक जारी रहने की उम्मीद है। ऐसे में किसानों को अपनी कटी हुई फसल और उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।

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