जबलपुर। माढ़ोताल क्षेत्र में सोमवार को बिजली विभाग की चेकिंग के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने और आत्मदाह की धमकी देने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में शामिल लोग उस आरोपी के रिश्तेदार हैं, जिन पर एक मई की मध्यरात्रि को माढ़ोताल स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट करने और जबरन बिजली सप्लाई बंद करने का आरोप है। कल की घटना के बाद से हड़कंप मच गया है और विद्युत विभाग ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बिजली अमले के कर्मचारी डरे हुए हैं। पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।
चेकिंग के दौरान कैसे भड़काया विवाद
4 मई को माढ़ोताल क्षेत्र में विद्युत उपभोक्ताओं के परिसरों की सघन जांच की जा रही थी। जांच के दौरान विद्युत विभाग की टीम राम गरीब यादव और रामेश्वर यादव के बिजली कनेक्शन की पड़ताल करने पहुंची। इस दौरान मीटर कनेक्शन धारक के यहां कुछ अनियमितताएं पाई गईं। जब टीम ने रामेश्वर यादव के ऊपर बकाया 9,510 रुपये के बिजली बिल को लेकर कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू की, तो मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। कार्रवाई के दौरान वकील संजय यादव ( ये मारपीट के आरोपी राजेश यादव के चाचा हैं )अपने 6 से 7 साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विद्युत विभाग के कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया और सरकारी काम में बाधा डाली। संजय यादव ने सबके सामने चिल्लाकर कहा कि यदि कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई तो वे खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या कर लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम के लिए विद्युत विभाग और वहां मौजूद पुलिस बल पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।
उपकेंद्र में की थी मारपीट,तोड़फोड़
यह पूरा घटनाक्रम एक मई की घटना से जुड़ा हुआ है। हंगामा करने वाले वही लोग हैं, जो एक मई 2026 की रात को माढ़ोताल स्थित उपकेंद्र में जबरन घुसे थे। उस दौरान इन लोगों ने ऑपरेटर के साथ अभद्रता की थी और कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी। विभाग के अनुसार, आरोपियों का यह कृत्य बिजली अधिनियम 2003 की धारा 138 और धारा 139 का सीधा उल्लंघन है।
चार फीडर बंद करने से फैला था अंधेरा
उपकेंद्र में घुसने के बाद आरोपियों ने कटंगी, अमखेरा, आईटीआइ और लमती नामक चार फीडर को अनाधिकृत रूप से बंद कर दिया था। इस कारण करीब 10,000 उपभोक्ताओं की बिजली अचानक गुल हो गई थी। क्षेत्र में लगभग 2.5 घंटे तक पूरी तरह से अंधेरा रहा था और रात 1:30 बजे के बाद ही विद्युत आपूर्ति को दोबारा चालू किया जा सका था। इस अराजक कृत्य के कारण विद्युत विभाग को 40,000 रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा था। राजेश यादव के साथ अंकित साहू पर भी एफआईआर दर्ज है।
हम दबाव में नहीं आएंगे:एसई अरोरा
अधीक्षण अभियंता,सिटी,संजय अरोरा ने कहा कि ये बहुत चिंताजनक है,क्योंकि इससे फील्ड स्टाफ परेशान हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये दबाव बनाने की ट्रिक है,जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि विभाग ने इस मामले में पुलिस थाने को एक विस्तृत रिपोर्ट, नुकसान का ब्योरा और लॉगबुक की प्रति सौंप दी है। अधिकारियों ने मौके पर बनाई गई वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सबूत के तौर पर पुलिस को दिया है। माढ़ोताल थाने में 0378/2026 नंबर की प्राथमिकी पहले ही दर्ज की जा चुकी है। अब विभाग ने पुलिस को नया पत्र लिखकर इन नई घटनाओं और धाराओं को भी जोड़ने की मांग की है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके।
