जबलपुर। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित उखरी के 33/11 केवी उपकेंद्र में बीती रात एक बड़ी और चिंताजनक घटना सामने आई है। लगभग 15 से 20 अज्ञात लोग उपकेंद्र के मुख्य गेट को फांदकर नियंत्रण कक्ष में जबरन घुस गए। हमलावरों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि बिजली उपकरणों के साथ छेड़छाड़ कर फीडर भी बंद कर दिए। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और अंधेरे के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
उपकेंद्र के नियंत्रण कक्ष में घुसकर की गई मारपीट
घटना रात 12 बजे के आसपास की है, जब उखरी उपकेंद्र के नियंत्रण कक्ष में नारायण प्रसाद कोष्टा अपनी ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान 15 से 20 की संख्या में अज्ञात लोग वहां पहुंच गए और उपकेंद्र के मुख्य गेट को पार करके अंदर घुस आए। उन्होंने नारायण प्रसाद कोष्टा से उनके वरिष्ठ अधिकारी को बुलाने की मांग की और देखते ही देखते उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने उन्हें हाथों और घूंसों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके सिर, पीठ और गाल पर चोटें आईं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने पानी पीने वाले स्टील के बर्तन के डंडे से नारायण प्रसाद कोष्टा के बाएं हाथ की कोहनी के पास जोरदार प्रहार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
फीडर बंद होने से 10 हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल
मारपीट की घटना को अंजाम देने के बाद उपद्रवियों ने नियंत्रण कक्ष में मौजूद वीसीवी कंट्रोल पैनल का हैंडल घुमा दिया। इस हरकत के कारण 33 केवी जबलपुर-2 फीडर को बलपूर्वक बंद कर दिया गया। इसके प्रभाव से उखरी के 11 केवी फीडर यू 1, यू 2, यू 3 और यू 4 पूरी तरह से ठप हो गए। इस आपात स्थिति के कारण लगभग 10 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति करीब 20 मिनट के लिए बाधित रही। रात के सन्नाटे में बिजली गुल होने से क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया और उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी तथा अंधेरे में समय गुजारना पड़ा। बाद में बिजली आपूर्ति को सामान्य किया गया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। उपद्रवी इसके बाद विजय नगर डिवीजन कार्यालय की तरफ भाग गए।
पुलिस में प्रकरण दर्ज, सीसीटीवी के आधार पर तलाश
नारायण प्रसाद कोष्टा ने तुरंत इस घटना की जानकारी अपने जूनियर इंजीनियर गुलाब सिंह राजपूत को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 191(1), 132 और 221 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा सहायक उपनिरीक्षक सुभाष कुमार को सौंपा गया है। पुलिस अब घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 15 से अधिक अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है। घायल कर्मचारी का कहना है कि आरोपियों के सामने आने पर वे उन्हें आसानी से पहचान सकते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता की जाएगी:अरोरा
इस घटना के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। अधीक्षण अभियंता सिटी संजय अरोरा ने इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक माना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उपकेंद्रों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाने और बाहरी लोगों के प्रवेश को पूरी तरह से नियंत्रित करने के विकल्पों पर तेजी से विचार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का भी दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
