कृषक मित्र योजना में लापरवाही पर बिजली कंपनी ने लिया एक्शन
जबलपुर। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने एक सख्त और बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना में हुई गंभीर वित्तीय गड़बड़ी के कारण बड़ी कार्रवाई की है। सागर जिले के उपसंभाग-2 में पदस्थ संविदा सहायक अभियंता अवनीश जरोलिया की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। जरोलिया को इस उपसंभाग के अलावा एसटीटी उपसंभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था। इस पूरे मामले ने सरकारी योजनाओं के संचालन और उनके धरातल पर क्रियान्वयन में बरती जाने वाली लापरवाही पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
अनियमितता की शिकायत,जांच के बाद कार्रवाई
योजना के तहत होने वाले विभिन्न कार्यों और सामग्री की खरीद में भारी गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद कंपनी मुख्यालय हरकत में आया। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर 3 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने मौके पर जाकर सभी आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की और अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रबंधन को सौंपी। जांच रिपोर्ट में यह बात पूरी तरह से साबित हो गई कि जरोलिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रखकर काम किया।
बिना कार्यादेश के निकाली गई सामग्री
जांच रिपोर्ट के अनुसार, संविदा सहायक अभियंता ने कई ऐसे कार्यों के लिए क्षेत्रीय भंडार सागर से सामग्री निकाली, जिनके लिए कंपनी की तरफ से कोई वैध कार्यादेश ही जारी नहीं किया गया था। इस तरह बिना अनुमति और अधिकारिक आदेश के लगभग 73 लाख रुपये मूल्य की सामग्री का आहरण कर लिया गया। यह कंपनी के सभी वित्तीय नियमों का खुला उल्लंघन था।
पदनाम का दुरुपयोग करने के गम्भीर आरोप
जांच में यह भी स्पष्ट रूप से सामने आया कि जरोलिया ने सामग्री निकालते समय अलग-अलग पदनामों का इस्तेमाल किया। कंपनी के दिशा-निर्देशों और संविदा सेवा नियमों का भी बिल्कुल पालन नहीं किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय अनियमितता साफ तौर पर उजागर हुई। इसे देखते हुए कंपनी ने संविदा सेवा अनुबंध और सेवा की शर्तें संशोधित नियम 2023 के अंतर्गत यह सख्त दंडात्मक कार्रवाई की है। कंपनी प्रबंधन ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि सरकारी योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और पूर्ण जवाबदेही बहुत जरूरी है। कंपनी किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता या लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी। भविष्य में भी ऐसी घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि सभी किसानों और आम नागरिकों तक योजनाओं का सही और पारदर्शी लाभ पहुंच सके।
