यात्रियों का आरोप है कि बंद पड़ी लिफ्ट में किसी तरह का संकेतक नहीं लगाया गया था। जहां आज दोपहर रेलवे प्रबंधन की लापरवाही से यात्री धोखे में पड़कर उसमें सवार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सभी का चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें सभी यात्री सामान्य पाए गए। दरअसल यात्रियों के लिफ्ट में फंसे होने की सूचना सबसे पहले सांसद प्रतिनिधि संजीव शुक्ला को मिली। जहां सूचना मिलते ही वे तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहुंचकर देखा तो कोई भी रेलवे का आला अधिकारी मौके पर मौजूद ही नहीं था। स्टेशन मास्टर ने उन्हें फील्ड में होने की बात बताई। जिसके बाद उन्होंने मामले की सूचना रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। तत्काल स्वास्थ्य अधिकारी यत्नेश त्रिपाठी को फोन कर मेडिकल टीम बुलवाई गई। वहीं कलेक्टर को भी मामले की सूचना दी गई। जिसके बाद रेस्क्यू का काम शुरू हुआ।