जबलपुर। कोतवाली इलाके के रहने वाले गोविंद पचौरी के बैंक खाते से जालसाजों ने चालाकी से 3,78,765 रुपये पार कर दिए। पीड़ित पटेल आटा चक्की के पास रहते हैं और उनका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रांझी शाखा में संचालित है। उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई है जिसमें उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल कर बैंक बैलेंस शून्य कर दिया गया।
बिना ओटीपी और मैसेज के बैंक खाते से गायब हुई रकम
ठगों ने पीड़ित के मोबाइल नंबर का उपयोग करके एक नई यूपीआई आईडी तैयार की और उसे बैंक खाते से जोड़ दिया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पीड़ित के पास न तो कोई ओटीपी आया और न ही बैंक से पैसे कटने का कोई संदेश मिला। जब गोविंद पचौरी ने बैंक जाकर अपना विवरण चेक कराया तब उन्हें पता चला कि उनके खाते से पूरी जमा पूंजी निकाली जा चुकी है। ठगों ने बहुत ही शातिर तरीके से तकनीक का इस्तेमाल कर सुरक्षा सिस्टम को चकमा दिया।
पांच अलग अलग बैंक खातों में भेजी गई पूरी राशि
बैंक स्टेटमेंट के अनुसार यह धोखाधड़ी 5 मई 2026 से 9 मई 2026 के बीच अंजाम दी गई। जालसाजों ने 5 मई को शिव प्रसाद के खाते में 90,000 रुपये भेजे। इसके बाद 6 मई को आकाश कुमार के खाते में 70,000 रुपये और आमिर सुहैल के खाते में 20,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। 7 मई को मोहम्मद उबैद अंसारी के खाते में 1,00,000 रुपये भेजे गए और आखिरी बार 9 मई को जयेश चौहान के खाते में 98,765 रुपये डालकर खाता पूरी तरह खाली कर दिया गया।
पुलिस और साइबर सेल की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी
कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और तकनीकी टीम की मदद से उन बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है जिनमें पैसा भेजा गया है। साइबर सेल इस बात की जांच कर रही है कि बिना किसी अलर्ट के इतनी बड़ी राशि कैसे स्थानांतरित हो गई। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि जल्द ही आरोपियों के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और ठगी गई राशि वापस दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
