सीधी। एमपी के सीधी जिले की मझौली पुलिस ने अंधी हत्या के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दस आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि बेटे ने ही पांच हजार रुपये की सुपारी देकर अपने पिता की हत्या करवाई थी। घटना थाना क्षेत्र के बरमानी गांव की है।
पुलिस के अनुसार, 19 मई को रघुवर अगरिया ने सूचना दी थी कि उसके बड़े भाई राजभान अगरिया, निवासी करमाई पड़ोहर टोला, 16 मई की रात से लापता हैं। तलाश के दौरान ग्राम करमाई पड़ोहर टोला के जंगल स्थित एक सूखे कुएं से दुर्गंध आने पर अंदर जला हुआ शव दिखाई दिया।
शव को जलाकर छिपाने की कोशिश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण कर थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एफएसएल, फिंगरप्रिंट और अन्य विशेषज्ञ टीमों की मदद से घटनास्थल से वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए गए। कुएं के अंदर मिला शव कंकाल अवस्था में था। शव के सिर पर कपड़ा बंधा हुआ था और उसे झाडिय़ों से ढंककर छिपाने का प्रयास किया गया था। मृतक की पहचान राजभान अगरिया पिता रामावतार अगरिया, उम्र 56 वर्ष, निवासी करमाई पड़ोहर टोला थाना मझौली जिला सीधी के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट, फ्रैक्चर और शव जलाने के प्रमाण मिले, जिससे हत्या की पुष्टि हुई।
बेटे ने रची हत्या की साजिश
विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि मृतक का पुत्र कमलभान अगरिया अपने पिता के व्यवहार और आए दिन होने वाले विवादों से परेशान था। इसी कारण उसने अपने परिचित रबी सिंह गोंड को पिता की हत्या के लिए पांच हजार रुपये देने की बात कही थी। पूर्व नियोजित योजना के तहत 16 मई की रात आरोपितों ने राजभान अगरिया को घर से बाहर बुलाया और डंडों व खूंटे से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कंबल में लपेटकर जंगल के सूखे कुएं में फेंक दिया गया। पहचान छिपाने के लिए शव में आग लगाकर झाडिय़ों से ढंक दिया गया।
मोबाइल ट्रांजेक्शन से खुला राज
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद कमलभान अगरिया ने आरोपितों को मोबाइल ट्रांजेक्शन के माध्यम से पांच हजार रुपये भेजे थे। इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपितों तक पहुंची। पुलिस ने मामले में रबी सिंह गोंड, कमलभान अगरिया सहित कुल दस आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
