जबलपुर। चालू वित्तीय वर्ष में पश्चिम मध्य रेल पर ओरजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग बढ़ाने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में वाणिज्य/परिचालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों में ओरजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास भी किये जा रहे हैं। जिसक परिणामस्वरूप अप्रैल के पहले ही माह में माल ढुलाई में पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा 4.56 मिलियन टन ओरिजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग की गई।
उल्लेखनीय है कि माल ढुलाई ने पश्चिम मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 58.07 मिलियन टन ओरिजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग दर्ज की। यह उल्लेखनीय बढ़ोतरी महाप्रबंधक के सतत मॉनिटरिंग एवं वाणिज्य तथा परिचालन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडलों में किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
फ्रेट लोडिंग के लिए ये प्रयास किये
- नई रेल लाइन/दोहरीकरण/तिहरीकरण जैसे अधोसरंचना कार्यों में गति प्रदान की जा रही है।
- मालगाडिय़ों की औसत गति में वृद्धि करके अलग-अलग रेल खण्ड की क्षमता में वृद्धि और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाया। साथ ही साथ ऑपरेशनल सुधार भी किए गए।
- गुड्स टर्मिनल की वर्किंग में सुधार एवं मालगाडिय़ों के डिटेंशन को कम किया गया। इससे मालगाडिय़ों के संचालन में तेजी आई और माल ढुलाई में वृद्धि हुई।
- माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं ।
- नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है।
- गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/साइडिंग को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किये जा रहे है।
- व्यापारियों/ग्राहकों से आपसी समन्वय स्थापित कर रेलवे कि फ्रेट लोडिंग की प्रोत्साहन योजनाओं से आकर्षित कर गुड्स ट्रैफिक के बढ़ावे में मददगार साबित हो रही हैं। पश्चिम मध्य रेल द्वारा ओरजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग की उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है और आगे भी जारी रखेगा।
