श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क से मंगलवार 12 मई को एक बुरी खबर आई है, इस बार मादा चीता केजीपी-12 के एक महीने उम्र के 4 शावकों की मौत हुई है। मौत की स्पष्ट वजह फिलहाल पता नहीं लग सकी है, लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि, किसी अन्य हिंसक जानवर के हमले से शावक की मौत हुई है।
मादा चीता केजीपी-12 पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित बताई गई है। कूनो प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों ने मृत शावकों का पोस्टमार्टम करके सैंपल को जांच के लिए भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद शावक की मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
गश्त के दौरान मिला शावकों का शव
कूनो प्रबंधन के अधिकारियों ने मंगलवार की शाम प्रेसनोट जारी करके जानकारी दी है कि, मंगलवार को सुबह 06 बजे गश्ती के दौरान केजीपी-12 मादा चीता का एक माह का शावक मृत अवस्था में पाया गया। प्रारंभिक स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा है कि, उसकी मौत किसी अन्य जानवर के हमले में हुई है। शावकों की मौत संभवत: सोमवार को शाम के समय हुई होगी। मादा चीता पूरी तरह से स्वस्थ बताई जा रही है, जिसकी देखरेख कूनो की टीमों के द्वारा की जा रही है।
चीतों की संख्या में आई गिरावट
अब इस शावक की मौत होने से पहले देश भर में चीतों की संख्या 57 से घटकर 53 रह गई है, इनमें से कूनो नेशनल पार्क में 50 चीते और गांधीसागर राष्ट्रीय अभयारण्य में 3 चीते मौजूद हैं। भारत की धरती पर जन्मे 33 शावक शामिल हैं।
