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सगी बड़ी मां ने 3 साल के मासूम को जहर पिलाकर घोंटा गला, फिर पत्थर पटक कर की हत्या, जबलपुर के समीपस्थ गांव में घटना

 


जबलपुर/दमोह। जबलपुर के समीपस्थ ग्राम महुआखेड़ा तेजगढ़ जिला दमोह में सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है। यहां पर सगी बड़ी मां ने पारिवारिक रंजिश के चलते तीन वर्षीय मासूम बच्चे अनिरुद्ध को जहर पिलाकर गला घोंट दिया। इसके बाद पत्थर पटक दिया। इतने से भी संतुष्ठ नहीं हुई, उसने लाश को भूसे के ढेर में फेंककर उपर से गोबर फेंक दिया। ताकि किसी को कुछ पता न चल सके। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी बड़ी मां राजकुमार लोधी को गिरफ्तार कर लिया है। 

                            पुलिस अधिकारियों को पूछताछ में मृतक मासूम बच्चे अनिरुद्ध के दादा छोटे सिंह लोधी ने बताया कि विवाद की असली वजह घर का आंगन था। अनिरुद्ध के पिता तीन भाई हैं और सबके पास चार-चार एकड़ जमीन है, लेकिन साझा आंगन दादा के नाम था। राजकुमारी चाहती थी कि वह आंगन उसके नाम हो जाए ताकि वहां से कोई दूसरा न निकल सके। इसी रंजिश में बीते शुक्रवार की सुबह 9.30 बजे, जब घर के नल खुले थे और सब काम में व्यस्त थे, उसने अनिरुद्ध को अगवा कर लिया। आरोपी महिला ने पहले बच्चे को जहर खिलाया, फिर गला दबाया और सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी। उसने शव को बोरे में भरकर घर के अंदर ही भूसे के ढेर में छिपा दिया। बच्चे के अचानक गायब होने से परिजन घबरा गए, अपने स्तर पर बच्चे की तलाश करते रहे, जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस को खबर दी। दूसरे दिन शनिवार को सुबह से पुलिस से पुलिस भी तलाश में जुट गई। यहां तक कि आरोपी बड़ी मां राजकुमारी भी तलाश करने का नाटक करती रही। जैसे ही पुलिस घर के पास से हटकर दूसरी ओर तलाश करने पहुंची तभी राजकुमारी ने शव को भूसे से निकालकर प्लास्टिक के टब में रखा और बाहर गोबर के ढेर पर फेंक दिया। उसने शव के ऊपर कचरा डाल दिया ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, जब डॉग स्क्वायड की टीम गांव पहुंची, तो खोजी कुत्ता सीधे उसी ढेर पर जाकर रुक गया, जहां से पुलिस को दोपहर तीन बजे के ्रलगभग बोरे में बंद शव मिला। आज सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा गया। इस बीच पुलिस ने संदेह के आधार पर राजकुमारी लोधी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पुलिस के सामने वारदात करना स्वीकार लिया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए राजकुमारी लोधी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दो बेटियों के बाद हुए इकलौते बेटे की मौत से मां संगीता लोधी का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस समय रहते घर के अंदर तलाशी लेती, तो शायद बच्चा जीवित मिल जाता।


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