नरसिंहपुर. महानगरी एक्सप्रेस में सोमवार को यात्रा के दौरान एक तीन माह के शिशु की तबीयत अचानक बिगड़ गई। रेलवे प्रशासन ने नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। मुंबई से वाराणसी की यात्रा कर रही दीपा यादव ने बच्चे की स्थिति खराब होने पर अधिकारियों को सूचित किया था।
ट्रेन के नरसिंहपुर पहुंचते ही रेलवे चिकित्सक डॉ. आरआर कुर्रे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि भीषण गर्मी के कारण बच्चे को तेज बुखार था और उसके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो रही थी। डॉक्टर ने बच्चे का प्राथमिक इलाज करते हुए आवश्यक दवाइयां दी।
मां ने ओआरएस लेने से किया मना
चिकित्सक ने डिहाइड्रेशन की स्थिति देखते हुए मां को सलाह दी कि बच्चे को तत्काल पानी और ओआरएस घोल दिया जाए। हालांकि, यात्री दीपा यादव ने बच्चे को पानी देने से स्पष्ट मना कर दिया और ओआरएस लेने से भी इनकार कर दिया। तरल पदार्थ न देने की जिद के चलते डॉक्टर को केवल बुखार की दवा देनी पड़ी।
समय पर इलाज से मिली राहत
रेलवे प्रशासन की त्वरित सूचना और डॉक्टर की उपलब्धता के कारण बच्चे को समय पर उपचार मिल सका। चिकित्सा सहायता मिलने के बाद यात्री को बच्चे के साथ आगे की यात्रा जारी रखने की अनुमति दी गई। डिप्टी कमर्शियल कार्यालय के माध्यम से समन्वय स्थापित कर यह कार्रवाई की गई।
