जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और विधायक नीरज सिंह लोधी ने रानीताल स्थित संभागीय कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस को आंदोलन करने के बजाय अपने शासनकाल में किए गए छल और झूठ के लिए किसानों से माफी मांगनी चाहिए। नीरज सिंह ने सवाल उठाया कि कांग्रेस के समय में किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की व्यवस्थित सुविधा क्यों नहीं मिलती थी, जबकि भाजपा सरकार में किसानों को सम्मान और बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं।
पुराने शासन से वर्तमान नीतियों की तुलना
विधायक नीरज सिंह ने मुलताई की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 24 किसानों पर गोली चलवाने वाली कांग्रेस आज किसान हितैषी होने का ढोंग कर रही है। उन्होंने कहा कि 15 महीने की कमलनाथ सरकार ने कर्जमाफी का झूठा वादा कर लाखों किसानों को डिफॉल्टर बना दिया था, जिन्हें बाद में भाजपा सरकार ने ब्याज राहत देकर आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का हवाला देते हुए बताया कि कांग्रेस ने इन्हें वर्षों तक ठंडे बस्ते में रखा, लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे लागू कर किसानों को लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देना सुनिश्चित किया।
समर्थन मूल्य में वृद्धि व बोनस का लाभ
भाजपा प्रवक्ता ने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि कांग्रेस के 55 साल के शासन में गेहूं के समर्थन मूल्य में मात्र 500 रुपये की वृद्धि हुई थी, जबकि मोदी सरकार के 12 वर्षों में यह वृद्धि लगभग 1300 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जो गेहूं के एमएसपी पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दे रहा है। वर्तमान में राज्य सरकार 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है, जबकि अन्य राज्यों में यह दर 2585 रुपये है। प्रदेश में अब तक 80 लाख टन से ज्यादा के स्लॉट बुक हो चुके हैं।
किसान सम्मान निधि और वित्तीय सहायता
नीरज सिंह ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में केंद्र की 6 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि के साथ राज्य सरकार भी अपनी ओर से 6 हजार रुपये प्रदान कर रही है। साथ ही भू-अर्जन पर 4 गुना मुआवजा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण योजना का लाभ आज 32 लाख से अधिक किसान उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस राज में 17 प्रतिशत ब्याज पर मात्र 700 करोड़ का ऋण मिलता था, जबकि इस वर्ष भाजपा सरकार 25 हजार करोड़ से अधिक का ऋण जीरो प्रतिशत ब्याज पर देने जा रही है। इन्हीं नीतियों के कारण मध्यप्रदेश को 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड मिला है और आज प्रदेश दलहन व सोयाबीन उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है।
