रायपुर. सीबीआई ने दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे (एसईसीआर) के 2 खिलाडिय़ों (कर्मचारियों) को गिरफ्तार किया है। दोनों स्पोर्ट्स कोटे से रेलवे में जॉब कर रहे हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग रेफरी बी. राजशेखर राव और वेटलिफ्टर राजलक्ष्मी शामिल हैं।
सीबीआई के मुताबिक, आरोपियों ने एक कैंडिडेट से 5 लाख रिश्वत मांगी थी। मेडिकल परीक्षण के अनफिट सर्टिफिकेट को फिट कर देंगे, कहा था, पैसे नहीं देने पर फेल करने की धमकी भी दी थी। अभ्यर्थी की शिकायत के बाद सीबीआई ने कार्रवाई की। शनिवार को एक आरोपी रायपुर से, दूसरा आरोपी दुर्ग से पकड़ा गया।
यह है पूरा मामला
सीबीआई के मुताबिक, रायपुर रेल मंडल में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती निकाली गई थी। एक अभ्यर्थी ने आवेदन किया। लिखित परीक्षा के साथ फिजिकल टेस्ट पूरा हो चुका है। इन दोनों ही परीक्षाओं में अभ्यर्थी पास हो चुका था और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाना शेष था। भिलाई में वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (टेक्नीशियन-2) बी. राजशेखर राव और सीसी-टीसी राजलक्ष्मी ने अभ्यर्थी से संपर्क किया था। उसे मेडिकल में अनफीट से फीट कर देंगे कहकर पैसों की मांग की गई थी।
शिकायत के बाद बनाई ट्रैप करने की योजना
शिकायत के बाद अधिकारियों ने 4 लाख 60 हजार रुपए के डमी नोटों की गड्डियां तैयार कीं और पूरी रकम के साथ आरोपियों को बुलाने की प्लानिंग की। शनिवार (16 मई) को लक्ष्मी रकम लेने रायपुर के वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर पहुंची। सीबीआई की टीम पहले से वहां तैनात थी। राजलक्ष्मी ने जैसे ही अभ्यर्थी से 5 लाख रुपए लिए, टीम ने उसे पकड़ लिया। वहीं. बी. राजशेखर राव को दुर्ग के न्यू पुलिस लाइन स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया।
घर से कैश मिलने की खबर
कार्रवाई के दौरान दोनों के ठिकानों पर तलाशी भी ली गई। जांच में टीम को घर से लाखों रुपए कैश मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि कितना पैसा मिला, इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। गिरफ्तार कर उसी दिन दोनों आरोपियों को विशेष न्यायाधीश दीक्षा देशलहरा की अदालत में पेश किया गया। बताया जा रहा है दोनों अफसरों की नियुक्ति रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे से हुई थी और दोनों ही वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई से रेलवे में हड़कंप मचा हुआ है।
