बताया गया है कि ओमती थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला ने 26 अप्रैल को दिए शपथ पत्र में उल्लेख किया कि जब वह CEO से मिलने के लिए पहुंची तो अरविंद शाह ने वेतन मामले का निराकरण करने की बजाय धमकाया। कहा कि एक मामूली अधिकारी होकर मंत्री-नेता से फोन करवाती हो। मैं किसी की नहीं सुनता। उसके बाद अनेक अपशब्दों का इस्तेमाल किया। जब रोती हुई चैंबर से बाहर निकल रही थी, तब मुझे CEO शाह ने गालियां देकर कहा कि मैं तुझे व मंत्री को देख लूंगा। इधर, जबलपुर स्मार्ट सिटी में कार्यरत महिला अधिकारी को डांटने के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और CEO अरविंद शाह (IAS) के बीच बढ़ा विवाद सोमवार शाम सुलझ गया। IAS एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव और अन्य पदाधिकारियों ने अरविंद शाह की मौजूदगी में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात कर अपनी बात रखी। श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो गई है। आपस में चर्चा कर मामले को समाप्त करने की सहमति बनी है। सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी की बात ध्यान से सुनी और अरविंद शाह को फटकारते हुए कहा कि नए IAS हैं, तो काम करिए। बिना वजह विवादों में रहने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि लोक निर्माण मंत्री ने भी पूरे मामले को संज्ञान में लेकर IAS अरविंद शाह को बंगले पर बुलाया और बातचीत की। अरविंद शाह का आरोप है कि बातचीत में मंत्री जी ने अभद्र व्यवहार किया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया गया। घटना के वक्त जबलपुर कलेक्टर, कमिश्नर नगर निगम भी मौजूद रहे। बाद में आइएएस अरविंद शाह परिवार के साथ एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव से मिले और घटना की जानकारी दी। फिर एसोसिएशन द्वारा मुख्य सचिव अनुराग जैन को भी प्रकरण से अवगत कराया गया था। आइएएस अधिकारी अरविंद शाह ने शिकायत दी है। एसोसिएशन द्वारा मुख्य सचिव अनुराग जैन को भी प्रकरण से अवगत कराया गया है। मुख्यमंत्री से भी मिलकर बात की गई है। आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया है।