जबलपुर। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय अफरातफरी मच गई जब एक युवक संजय पटैल ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्महत्या करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को आत्मघाती कदम उठाने से रोका। पीड़ित युवक ने क्षेत्रीय पार्षद और एक अन्य व्यक्ति पर उसकी पुश्तैनी जमीन धोखाधड़ी से बेचने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।
भू-माफिया और पार्षद की मिलीभगत का आरोप
पीड़ित ने सिद्धार्थ गौतम और पार्षद मनीष पटेल पर उसकी 2 एकड़ जमीन हड़पने का आरोप मढ़ा है। युवक के अनुसार सिद्धार्थ गौतम ने उसके जमीन के मूल दस्तावेज जबरन छीन लिए और पार्षद मनीष पटेल की मिलीभगत से इस भूमि को 40 लाख रुपए में विक्रय कर दिया। युवक ने यह भी बताया कि पार्षद द्वारा उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इस मामले की शिकायत पूर्व में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की गई थी, परंतु कोई ठोस कार्यवाही न होने के कारण उसे कलेक्ट्रेट में यह कदम उठाना पड़ा।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
कलेक्ट्रेट में हुए इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल युवक को उचित जांच का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण की फाइल तलब की है ताकि धोखाधड़ी के दावों की सत्यता जांची जा सके। वर्तमान में संजीवनी नगर थाना पुलिस ने इस मामले को जांच में ले लिया है। पुलिस अधिकारी सिद्धार्थ गौतम और पार्षद मनीष पटेल पर लगे आरोपों के संबंध में साक्ष्य जुटा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
