जबलपुर। रांझी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने चंद घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। बड़ा पत्थर नरसिंहनगर में एक बिल्डर की सरेराह गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। यह पूरी वारदात रायपुर की 15 एकड़ बेशकीमती जमीन के विवाद को लेकर अंजाम दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने आज बताया कि आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई 2 बिना नंबर की मोटरसाइकिलें और 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
सरेराह फायरिंग से फैली सनसनी
घटना 23 अप्रैल की सुबह की है जब बड़कू का बाड़ा रांझी निवासी 39 वर्षीय क्लीरेंस एटकिंस अपने 5 साल के बेटे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे। सुबह करीब 8-30 बजे जब वह अशोक मेडिकल के पास पहुंचे, तभी घात लगाए बैठे मोटर साइकिल सवार बदमाशों ने उनके सिर पर पिस्टल से गोली मार दी। गोली लगते ही क्लीरेंस लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े और हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोपहर करीब 2-30 बजे उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में पुलिस ने धारा 103(1) बीएनएस और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया कि मृतक क्लीरेंस एटकिंस का विवाद बराट रोड ओमती निवासी बाबा नेल्सन से चल रहा था। विवाद की मुख्य जड़ रायपुर के पास स्थित 15 एकड़ कृषि भूमि थी। इस जमीन को लेकर क्लीरेंस और अन्य साझेदारों का भूमि स्वामी अजय खराड़कर के साथ एग्रीमेंट था। बाद में बाबा नेल्सन की मध्यस्थता से इस जमीन की रजिस्ट्री मीनाक्षी विश्वकर्मा के नाम कर दी गई थी। क्लीरेंस ने इस रजिस्ट्री को शून्य कराने और स्टे लेने के लिए रायपुर न्यायालय में सिविल सूट दाखिल किया था। बाबा नेल्सन लगातार क्लीरेंस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था, जिसे क्लीरेंस ने मानने से इनकार कर दिया था।
पीछा कर उतारा मौत के घाट
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर दीनदयाल चौक से तेजबल उर्फ अरुण रैकवार और बरेला टोल प्लाजा के पास से मोहित ठाकुर को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बाबा नेल्सन के कहने पर उसके बेटे प्रिंस नेल्सन ने अपने साथियों मोहित ठाकुर, अर्पित कुशवाहा और अरुण रैकवार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। योजना के मुताबिक घटना वाले दिन चारों आरोपी दो मोटरसाइकिलों से सुबह 7-30 बजे ही इलाके में पहुंच गए थे। मोहित और अरुण ने रेकी कर क्लीरेंस के घर से निकलने का सिग्नल दिया, जिसके बाद प्रिंस और अर्पित ने पीछा कर गोली मार दी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में मोहित ठाकुर निवासी कवर्धा हाउस कैंट और तेजबल उर्फ अरुण रैकवार निवासी जमुनिया नरसिंहपुर को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल मुख्य आरोपी प्रिंस नेल्सन, अर्पित कुशवाहा और साजिशकर्ता विकास उर्फ बाबा उर्फ रिंकू नेल्सन अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपियों के पास से एक हार्ले डेविडसन और एक सीडी 100 मोटरसाइकिल जब्त की गई है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
