बालाघाट. मध्य प्रदेश में वन्य जीवों व इंसानों के बीच होने वाली भिड़ंत को रोकने के लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने एक अनोखा तरीका निकाला है. तेंदू पत्ता तोडऩे जंगलों में जाने वाले ग्रामीण अपने साथ ढोल-ढमाका यानी वाद्ययंत्र ले जाएंगे. वन विभाग का मानना है कि इसके बजाने से हिंसक वन्य जीव पास नहीं आएंगे. अगर ग्रामीण वाद्ययंत्र साथ नहीं ले जा सकते तो मोबाइल फोन ले जाएं, जिससे गाने बजते रहें. ऐसा करने से भी वन्य जीव पास नहीं आएंगे.
तेंदूपत्ता तोड़ते समय जंगल में वन्यजीवों द्वारा इंसानों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. ऐसे हमले रोकने के लिए वन विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं. इसको लेकर वन विभाग ने आदेश जारी किए हैं. आदेश के अनुसार तेंदूपत्ता तोडऩे जंगल में जाते समय अपने साथ लोग वाद्ययंत्र ले जाएं. वाद्ययंत्र नहीं हैं तो रेडियो या मोबाइल फोन ले जाएं. जंगल में रेडियो या मोबाइल पर चल रहे संगीत की आवाज सुनकर वन्यप्राणी दूर भाग जाएंगे.
बालाघाट के 30 गांवों में निर्देश जारी
वन विभाग द्वारा दिए गए इस अनूठे प्रयोग को बालाघाट जिले के वन परिक्षेत्र लांजी अंतर्गत आने वाले तकरीबन 30 गांवों में अमल में लाया जाएगा. लांजी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों के जंगल महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे हुए हैं, जहां पर भारी मात्रा में तेंदूपत्ता पाया जाता है. इन गांवों के लोग प्रति वर्ष तेंदूपत्ता तोडऩे जंगलों में जाते हैं. इस दौरान कई बार हिंसक वन्यजीवों से उनका आमना सामना हो जाता है. वन्य जीव तेंदूपत्ता तोडऩे वाले व्यक्ति पर हमला करते हैं.
वन विभाग ने गाइडलाइन जारी की
इसके अलावा कुछ और भी सख्त निर्देश विभाग द्वारा जारी किए गए हैं. जिनमें तेंदूपत्ता तोडऩे वालों को जंगल में समूह बनाकर जाएं. सूर्योदय होने पर ही तेंदूपत्ता तोडऩे जंगल जाएं. जंगल में कहीं भी आग न लगाएं. इस तरह के जारी निर्देशों के बाद वन विभाग का अमला गांव-गांव में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक कर रहा है.
अगले माह से तेंदूपत्ता तोडऩे का शुरू होगा काम
तेंदूपत्ता का सीजन ग्रामीण अंचलों मे लोगों के लिए आय अर्जित करने वाला होता है. इस एक माह के सीजन में लोग तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से तकरीबन 6 माह के लिए रसद सामग्री की व्यवस्था कर लेते हैं. वनपरिक्षेत्र अधिकारी, पश्चिम लांजी (सामान्य) सपन ताम्रकार का कहना है अगले माह मई के प्रथम सप्ताह से तेंदूपत्ता तोडऩे का कार्य प्रारंभ होगा. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार तेंदूपत्ता तोडऩे जाने वाले लोगों को चौपाल के माध्यम से निर्देश दिये जा रहें हैं.
