दमोह। दमोह के ग्राम बिजोरी पाठक में एक बार फिर दबंगों की दलितों के साथ बबर्रता सामने आई है। यहां पर दबंगों ने रछवाई रस्म के दौरान दलित समाज के दिव्यांग दूल्हे को घोड़ी से उतारकर पीटा। उसे बचाने के लिए परिवार वाले आए तो उन्हे भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। घटना को लेकर दलित समाज के लोग दूल्हे को लेकर थाना पहुंचे, जहां पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद पुलिस के पहरे में बारात निकली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बिजोरी पाठक गांव निवासी गोलू अहिरवार उम्र 23 वर्ष की बारात छतरपुर के बूढ़ी सेमरा गांव जानी थी। बीती शाम 7 बजे उसकी रछवाई निकल रही थी। इसी दौरान गांव के रहने वाले घुप्पू लोधी, विश्वनाथ लोधी, विछु लोधी व चिन्नू लोधी ने गोलू के घोड़ी चढऩे पर ऐतराज जताते हुए जातिसूचक गालियां देने लगे। गोलू के परिजन ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे घोड़ी से खींचकर नीचे गिराकर पीटना शुरु कर दिया। परिवार के लोगों ने बीच बचाव किया तो उन्हे भी दबंगों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिससे गांव में भगदड़ व अफरातफरी मच गई। पीडि़त दूल्हे ने परिजनों के साथ थाना पहुंचकर शिकायत की, जिसपर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर सुरक्षा देते हुए बारात निकलवाई। वहीं गोलू की मां विद्या अहिरवार ने कहा कि लोधी समाज के लोगों ने रछवाई निकालने से मना किया। हमने कहा कि आज बारात जानी है। घोड़ी चढ़े बिना रस्म कैसे पूरी होगी, इस पर आरोपियों ने मारपीट कर दी। बेटी मनीषा को भी मारा। उसके सोने के कुछ जेवर भी मारपीट के दौरान गायब हो गए। वहीं पुलिस घटनाक्रम के आरोपियों को पकडऩे के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
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