जबलपुर। स्मार्ट सिटी परियोजना के एक उच्च पदस्थ अधिकारी द्वारा अधीनस्थ सिख युवती के साथ किए गए अभद्र व्यवहार का मामला तूल पकड़ गया। 22 अप्रैल को घटित इस घटना में अधिकारी ने अपने कार्यालय में कार्यरत युवती को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया था। इस घटना की खबर मिलते ही सिख समुदाय के नागरिकों और विभिन्न संगठनों में गहरा असंतोष फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय गुरुद्वारा गोरखपुर में जबलपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा एक महत्वपूर्ण सभा बुलाई गई।
प्रबंधक कमेटी की बैठक में उबला गुस्सा
जबलपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान रजिंदर सिंह छावड़ा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में समाज की धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और खेल समितियों सहित महिला सभाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में एकत्र हुए। उपस्थित पदाधिकारियों ने अधिकारी के आचरण की कड़े शब्दों में निंदा की और जिला प्रशासन से दोषी के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की मांग रखी। समुदाय के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने तत्काल हस्तक्षेप किया। मंत्री श्री सिंह ने अपने कार्यालय में कमिश्नर, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में संबंधित अधिकारी को तलब किया। उच्च अधिकारियों के समक्ष उक्त अधिकारी ने अपने कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से लिखित और मौखिक माफी मांगी। अधिकारी ने स्वीकार किया कि उनसे बड़ी चूक हुई है और उन्होंने भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया। इसके पश्चात तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
